‘वर्क फ्रॉम होम’ खत्म: अब रोज़ दफ्तर आएंगे दिल्ली सरकार के सभी कर्मचारी।

सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला; सभी विभागों में नियमित कार्यालय व्यवस्था बहाल, जनसेवाओं में तेजी और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर
नई दिल्ली, 5 जुलाई 2026। राजधानी दिल्ली में सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से कार्य) व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब सभी सरकारी विभागों, निदेशालयों, स्वायत्त संस्थाओं, निगमों तथा संबद्ध कार्यालयों के अधिकारी एवं कर्मचारियों को नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित होकर कार्य करना होगा।
सरकार का कहना है कि जिन परिस्थितियों के कारण कर्मचारियों को घर से कार्य करने की अनुमति दी गई थी, वे अब सामान्य हो चुकी हैं। ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी क्षमता के साथ पुनः संचालित करना आवश्यक है। आदेश लागू होने के बाद सोमवार से राजधानी के सभी सरकारी कार्यालयों में सामान्य कार्य प्रणाली बहाल होने की संभावना है।
मुख्य सचिव कार्यालय ने जारी किए निर्देश
मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से जारी आदेश में सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने विभागों में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें। कार्यालयों में समयपालन, अनुशासन और कार्यकुशलता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिना उचित अनुमति अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध सेवा नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
जनता को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार का मानना है कि कर्मचारियों की नियमित कार्यालय उपस्थिति से सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। राजस्व, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, नगर विकास, सामाजिक कल्याण, बिजली, जलापूर्ति तथा अन्य नागरिक सेवाओं से जुड़े मामलों का तेजी से निस्तारण हो सकेगा। विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से लंबित फाइलों के निपटारे में भी तेजी आने की उम्मीद है।
डिजिटल व्यवस्था जारी रहेगी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पिछले वर्षों में विकसित हुई डिजिटल कार्य प्रणाली और ई-ऑफिस व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। ऑनलाइन फाइल प्रबंधन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल सेवाओं का उपयोग प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए होता रहेगा, लेकिन नियमित कार्य कार्यालय से ही किए जाएंगे।
विशेष परिस्थितियों में मिल सकती है छूट
सरकारी आदेश में यह भी कहा गया है कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं, दिव्यांगता अथवा अन्य विशेष परिस्थितियों में सक्षम अधिकारी नियमानुसार आवश्यक छूट प्रदान कर सकते हैं। हालांकि यह सुविधा केवल अपवाद स्वरूप ही लागू होगी।
प्रशासनिक विशेषज्ञों की राय
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि महामारी के दौरान ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था ने सरकारी कामकाज को जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन सामान्य परिस्थितियों में कार्यालय आधारित व्यवस्था अधिक प्रभावी और जवाबदेह मानी जाती है। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच समन्वय बेहतर होता है तथा आम जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से संभव हो पाता है।
विपक्ष और कर्मचारी संगठनों की नजर
सरकार के इस फैसले पर कर्मचारी संगठनों और विपक्ष की भी नजर बनी हुई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि कार्यालयों में पर्याप्त सुविधाएं, बेहतर कार्य वातावरण और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो कर्मचारियों को भी कार्य निष्पादन में सुविधा होगी।
रिपोर्ट ब्यूरो नई दिल्ली| लाइव भारत समाचार