2013 बैच की अधिकारी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा से त्यागपत्र देने का अनुरोध किया; विभिन्न जिलों और विभागों से मांगा गया अदेय प्रमाणपत्र
लखनऊ/देवरिया। 2013 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी दिव्या मित्तल के भारतीय प्रशासनिक सेवा से त्यागपत्र देने के अनुरोध के बाद उत्तर प्रदेश शासन ने औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। शासन स्तर से उनकी विभिन्न तैनाती अवधि से संबंधित अदेय प्रमाणपत्र (नो-ड्यूज सर्टिफिकेट) मांगे गए हैं। इसके लिए उन सभी जिलों एवं विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं, जहां दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा के दौरान जिम्मेदारी संभाली थी।
नियुक्ति अनुभाग-एक के विशेष सचिव विजय कुमार की ओर से 31 अगस्त को इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि 2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा से त्यागपत्र देने का अनुरोध किया है। त्यागपत्र संबंधी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उनकी अलग-अलग तैनाती अवधि के दौरान किसी प्रकार की देनदारी लंबित न होने का प्रमाणपत्र आवश्यक है।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद चर्चा में आया इस्तीफा
दिव्या मित्तल ने रविवार को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा से त्यागपत्र देने की जानकारी साझा की थी। इसके बाद उनका इस्तीफा प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। अब शासन की ओर से प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने के साथ उनके त्यागपत्र को लेकर औपचारिक कार्रवाई शुरू हो गई है।
कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी हैं दिव्या मित्तल
दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक करियर में उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और विभागों में जिम्मेदारी संभाली है। वह मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात रहीं। इसके बाद उन्होंने गौतमबुद्ध नगर में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य किया।
वह बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने संतकबीर नगर, मीरजापुर और बस्ती में जिलाधिकारी के रूप में जिले की प्रशासनिक व्यवस्था की कमान संभाली।
ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी में भी संभाली जिम्मेदारी
जिलाधिकारी के पदों पर कार्य करने के अलावा दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी में मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। इसके बाद जुलाई 2024 में उन्हें देवरिया का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया।
देवरिया में उन्होंने लगभग दो वर्षों तक जिलाधिकारी के रूप में कार्य किया और 5 मई 2026 तक इस पद पर रहीं।
नो-ड्यूज मिलने के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
शासन की ओर से संबंधित जिलों और विभागों के अधिकारियों को अदेय प्रमाणपत्र तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन प्रमाणपत्रों के प्राप्त होने के बाद त्यागपत्र संबंधी शासन की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
दिव्या मित्तल का इस्तीफा स्वीकार होने और उनकी सेवा से औपचारिक रूप से कार्यमुक्त किए जाने का अंतिम निर्णय शासन की निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगा।
रिपोर्ट लाइव भारत समाचार