livebharatsamachar.com ब्यूरो: भारतीय पावरलिफ्टिंग की उभरती हुई स्टार किया कुणाल बनर्जी इन दिनों अपनी खेल उपलब्धियों से ज्यादा सोशल मीडिया पर हो रहे दुर्व्यवहार के कारण चर्चा में हैं। आईपीएफ (IPF) जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली इस एथलीट को उस वक्त गहरा सदमा लगा, जब इंटरनेट की दुनिया में उनकी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल और एआई (AI) जनित अश्लील कंटेंट वायरल होने लगा।
सफलता के बाद शुरू हुआ डिजिटल उत्पीड़न
किया बनर्जी ने जब 140 किलोग्राम वजन उठाकर अपनी ताकत का लोहा मनवाया, तो उनकी मेहनत की सराहना होने के बजाय उन्हें फेक अकाउंट्स और साइबर बुलिंग का सामना करना पड़ा। शरारती तत्वों ने उनकी तस्वीरों को मॉर्फ करके एआई के जरिए आपत्तिजनक रूप दे दिया, जिससे न केवल उनकी छवि को नुकसान पहुंचा, बल्कि उन्हें मानसिक प्रताड़ना से भी गुजरना पड़ा।
सोशल मीडिया पर मेरी पहचान को जिस तरह से गलत तरीके से पेश किया गया, वह बेहद दुखद है। मैं एक एथलीट हूं और मेरी पहचान मेरी मेहनत और पदकों से होनी चाहिए, न कि इन फेक और एआई जनित तस्वीरों से।
नियंत्रण वापस पाने की कोशिश
इन तमाम चुनौतियों के बावजूद, किया ने हार नहीं मानी है। उन्होंने अपना नया आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट बनाया है ताकि वे अपनी कहानी खुद बयां कर सकें और लोगों को अपनी असल पहचान से रूबरू करा सकें। उनका मुख्य उद्देश्य अब अपनी खेल उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित करना और उन लोगों को जवाब देना है जो उनकी मेहनत को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- किया बनर्जी ने आईपीएफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता।
- एथलीट की तस्वीरों का एआई के जरिए गलत इस्तेमाल किया गया।
- फेक अकाउंट्स और ऑनलाइन दुर्व्यवहार के खिलाफ किया ने मोर्चा खोला है।
- वे अब अपनी असली पहचान और खेल के सफर को लोगों के सामने ला रही हैं।
किया का मामला यह दर्शाता है कि कैसे डिजिटल युग में एथलीट्स, विशेषकर महिला खिलाड़ी, साइबर अपराध का आसान शिकार बन रही हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स इस तरह के मामलों पर क्या ठोस कदम उठाते हैं।