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livebharatsamachar.com ब्यूरो: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। श्रीकांत ने चयनकर्ताओं की आलोचना करते हुए इसे 'डर से प्रेरित' फैसला करार दिया है। उनका मानना है कि टीम प्रबंधन ने युवा प्रतिभाओं को परखने का एक सुनहरा मौका गंवा दिया है और सुरक्षित रास्ता चुना है।

युवाओं को नजरअंदाज करना बड़ी चूक

श्रीकांत का मानना है कि हालिया दौरों में मिली हार के बाद चयनकर्ता दबाव में थे, जिसका असर टीम चयन पर साफ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की तैयारी के लिए नई ऊर्जा और युवा खिलाड़ियों को मौका देना जरूरी था, लेकिन चयन समिति ने अनुभव को प्राथमिकता देकर प्रयोग करने से परहेज किया है।

यह एक बड़ी गलती है। आप हार के डर से भविष्य की योजना को दांव पर नहीं लगा सकते। यह टीम चयन पूरी तरह से डर से प्रेरित नजर आता है, जहां चयनकर्ता रिस्क लेने से बच रहे हैं।

चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल

पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने स्पष्ट किया कि आयरलैंड और इंग्लैंड में मिली हार के बाद टीम इंडिया को एक नई दिशा की जरूरत थी। उनके अनुसार, अफगानिस्तान जैसी सीरीज युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का बेहतरीन मंच प्रदान कर सकती थी।

श्रीकांत की यह टिप्पणी भारतीय क्रिकेट गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। देखना दिलचस्प होगा कि क्या चयनकर्ता भविष्य में अपनी रणनीति में बदलाव करते हैं या इसी 'सुरक्षित' दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ते हैं।

शुक्रवार, 4 सितम्बर , 2026

अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम चयन पर भड़के श्रीकांत, कहा- ‘डर के साये में लिया गया फैसला’

livebharatsamachar.com ब्यूरो: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। श्रीकांत ने चयनकर्ताओं की आलोचना करते हुए इसे ‘डर से प्रेरित’ फैसला करार दिया है। उनका मानना है कि टीम प्रबंधन ने युवा प्रतिभाओं को परखने का एक सुनहरा मौका गंवा दिया है और सुरक्षित रास्ता चुना है।

युवाओं को नजरअंदाज करना बड़ी चूक

श्रीकांत का मानना है कि हालिया दौरों में मिली हार के बाद चयनकर्ता दबाव में थे, जिसका असर टीम चयन पर साफ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की तैयारी के लिए नई ऊर्जा और युवा खिलाड़ियों को मौका देना जरूरी था, लेकिन चयन समिति ने अनुभव को प्राथमिकता देकर प्रयोग करने से परहेज किया है।

यह एक बड़ी गलती है। आप हार के डर से भविष्य की योजना को दांव पर नहीं लगा सकते। यह टीम चयन पूरी तरह से डर से प्रेरित नजर आता है, जहां चयनकर्ता रिस्क लेने से बच रहे हैं।

चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल

पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने स्पष्ट किया कि आयरलैंड और इंग्लैंड में मिली हार के बाद टीम इंडिया को एक नई दिशा की जरूरत थी। उनके अनुसार, अफगानिस्तान जैसी सीरीज युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का बेहतरीन मंच प्रदान कर सकती थी।

  • युवा खिलाड़ियों को मौका न देना भविष्य के लिए चिंताजनक।
  • हार के डर से चयन प्रक्रिया में बदलाव की कमी।
  • अनुभवी खिलाड़ियों पर अत्यधिक निर्भरता से प्रयोगों पर लगा ब्रेक।

श्रीकांत की यह टिप्पणी भारतीय क्रिकेट गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। देखना दिलचस्प होगा कि क्या चयनकर्ता भविष्य में अपनी रणनीति में बदलाव करते हैं या इसी ‘सुरक्षित’ दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ते हैं।

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