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livebharatsamachar.com ब्यूरो: फरीदाबाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने चुनाव ड्यूटी में लगे शिक्षकों को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव संबंधी जो भी काम अभी शेष बचे हैं, उन्हें अब शिक्षकों को अपने-अपने स्कूल परिसर में बैठकर ही पूरा करना होगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाना और छात्रों की पढ़ाई का नुकसान कम करना है।

क्या है विभाग का नया आदेश

शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया के दौरान जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, उन्हें अब वापस अपनी कक्षाओं में लौटने के लिए कहा गया है। हालांकि, चुनाव से संबंधित कुछ प्रशासनिक कार्य अभी भी लंबित हैं, जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है। डीईओ कार्यालय ने निर्देश दिए हैं कि इन कार्यों के लिए शिक्षकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि वे स्कूल में अपनी उपस्थिति के दौरान ही इन फाइलों और डेटा एंट्री का काम निपटाएंगे।

विभाग का स्पष्ट मानना है कि चुनाव ड्यूटी के कारण स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो रही थी, जिसका सीधा असर बच्चों के पाठ्यक्रम पर पड़ रहा था। अब शिक्षक स्कूल में रहकर ही प्रशासनिक काम करेंगे और साथ ही अपनी शिक्षण जिम्मेदारियों को भी निभाएंगे।

प्रमुख बिंदु और निर्देश

शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव

शिक्षाविदों का मानना है कि इस फैसले से स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को काफी मदद मिलेगी। पिछले कुछ हफ्तों से चुनाव ड्यूटी के कारण कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी देखी जा रही थी, जिससे अभिभावकों में भी चिंता थी। अब प्रशासन के इस कदम से शैक्षणिक माहौल में सुधार आने की उम्मीद है।

रविवार, 6 सितम्बर , 2026

फरीदाबाद में चुनाव ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों के लिए डीईओ का बड़ा आदेश, अब स्कूल से ही पूरा करना होगा सारा काम

livebharatsamachar.com ब्यूरो: फरीदाबाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने चुनाव ड्यूटी में लगे शिक्षकों को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव संबंधी जो भी काम अभी शेष बचे हैं, उन्हें अब शिक्षकों को अपने-अपने स्कूल परिसर में बैठकर ही पूरा करना होगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाना और छात्रों की पढ़ाई का नुकसान कम करना है।

क्या है विभाग का नया आदेश

शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया के दौरान जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, उन्हें अब वापस अपनी कक्षाओं में लौटने के लिए कहा गया है। हालांकि, चुनाव से संबंधित कुछ प्रशासनिक कार्य अभी भी लंबित हैं, जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है। डीईओ कार्यालय ने निर्देश दिए हैं कि इन कार्यों के लिए शिक्षकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि वे स्कूल में अपनी उपस्थिति के दौरान ही इन फाइलों और डेटा एंट्री का काम निपटाएंगे।

विभाग का स्पष्ट मानना है कि चुनाव ड्यूटी के कारण स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो रही थी, जिसका सीधा असर बच्चों के पाठ्यक्रम पर पड़ रहा था। अब शिक्षक स्कूल में रहकर ही प्रशासनिक काम करेंगे और साथ ही अपनी शिक्षण जिम्मेदारियों को भी निभाएंगे।

प्रमुख बिंदु और निर्देश

  • सभी लंबित चुनाव कार्य अब स्कूल परिसर से ही संचालित किए जाएंगे।
  • शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे शिक्षण समय के बाद या खाली समय में ही प्रशासनिक कार्य पूरा करें।
  • स्कूल प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी स्थिति में कक्षाओं का संचालन बाधित न हो।
  • किसी भी आपातकालीन स्थिति में ही शिक्षकों को कार्यालय बुलाया जाएगा।

शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव

शिक्षाविदों का मानना है कि इस फैसले से स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को काफी मदद मिलेगी। पिछले कुछ हफ्तों से चुनाव ड्यूटी के कारण कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी देखी जा रही थी, जिससे अभिभावकों में भी चिंता थी। अब प्रशासन के इस कदम से शैक्षणिक माहौल में सुधार आने की उम्मीद है।

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