थानाध्यक्ष आत्महत्या केस में बड़ा खुलासा, 24 लाख की वसूली का आरोप; बोलेरो और 3 मोबाइल बरामद
लाइव भारत समाचार | बस्ती, 6 सितंबर 2026
बस्ती जिले के वाल्टरगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने बताया कि एसपी के निर्देश पर चल रहे अपराध एवं साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक श्यामाकांत के पर्यवेक्षण और सीओ सदर के निर्देशन में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजानंद सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी।
टीम ने शनिवार सुबह 7:55 बजे सदर अस्पताल के सामने घेराबंदी कर बोलेरो वाहन संख्या UP51BN 5805 के साथ तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी:
1. प्रियंका चौधरी पत्नी महेन्द्र चौधरी, निवासी बावनपार, पैकोलिया, हाल पता- गंधार, वाल्टरगंज (मुख्य आरोपी)
2. रमयनयन चौधरी पुत्र संपत चौधरी, निवासी गंधार, वाल्टरगंज
3. विजय प्रकाश पुत्र भरतराम, निवासी पिपरा काजी, पैकोलिया
पुलिस ने बताया कि मृतक थानाध्यक्ष के पुत्र संदीप सिंह की तहरीर पर 5 सितंबर को कोतवाली थाने में मुकदमा अपराध संख्या 387/2026 धारा 108, 3(5) BNS के तहत केस दर्ज किया गया था। 29 अगस्त को थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह ने बस्ती कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में आत्महत्या कर ली थी।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य से खुला राज
विवेचना में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण से चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी प्रियंका चौधरी पिछले 10 वर्षों से पति से अलग रह रही थी और मुंबई में ब्यूटी पार्लर व स्पा सेंटर में काम कर चुकी है।
आरोप है कि महिला सोशल मीडिया और वीडियो कॉल के जरिए लोगों को हनीट्रैप में फंसाती थी, फिर अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलती थी। इसमें उसके पिता रमयनयन और विजय प्रकाश साथ देते थे। जांच में घटना वाले दिन दोपहर 1:41 बजे विजय प्रकाश द्वारा थानाध्यक्ष को अंतिम कॉल करने की पुष्टि हुई है।
अब तक चार लोगों से 24 लाख वसूली
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह अब तक चार लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
- पुरैना निवासी डॉ. उमेश से – 4 लाख रुपये
- जमदाशाही निवासी अहमद रजा से – 5 लाख रुपये
- जबलपुर, मध्य प्रदेश निवासी आर्यन दीक्षित उर्फ जितेन्द्र दीक्षित से – 15 लाख रुपये
पुलिस का दावा है कि करीब दो साल पहले वसूली गई रकम से ही बरामद बोलेरो गाड़ी खरीदी गई थी। जिस मकान में आरोपी महिला किराए पर रहती थी, उसके मकान मालिक डॉ. उमेश को भी इसी तरह फंसाकर वसूली की गई थी।
पुलिस ने बोलेरो कार और तीन मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस अन्य पीड़ितों की पहचान में जुट गई है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक बृजानंद सिंह, SI अजय कुमार यादव, SI जयविन्द सिंह, SI शेषनाथ यादव, हेड कांस्टेबल देवेश, कांस्टेबल किशन सिंह, संतोष कुमार, स्कन्द यादव और राकेश यादव शामिल रहे।
रिपोर्ट ब्यूरो बस्ती| लाइव भारत समाचार
