बेंगलुरु में शतरंज का नया जुनून
बेंगलुरु में आयोजित ग्लोबल चेस लीग (GCL) ने न केवल खेल के स्तर पर बल्कि दर्शकों के उत्साह के मामले में भी नए मानक स्थापित किए हैं। इस टूर्नामेंट में भारतीय युवा ग्रैंडमास्टर प्रणेश एम ने अपनी शानदार खेल शैली से सबको प्रभावित किया है। एक अंतिम समय के रिप्लेसमेंट के रूप में टूर्नामेंट में शामिल होने के बावजूद, प्रणेश ने दुनिया के दिग्गज खिलाड़ियों को धूल चटाकर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। उनकी इस सफलता ने उन्हें विश्व रैंकिंग के शीर्ष 50 खिलाड़ियों में जगह दिला दी है।
विदेशी खिलाड़ियों की हैरानी और भारत का क्रेज
livebharatsamachar.com की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु के स्टेडियम में उमड़ी भारी भीड़ और खेल के प्रति दर्शकों का जुनून देखकर विदेशी खिलाड़ी भी चकित रह गए हैं। खेल के दौरान जिस तरह से भारतीय प्रशंसक हर चाल पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं, उसने शतरंज जैसे शांत खेल को एक नए स्तर का रोमांच प्रदान किया है।
प्रणेश एम ने कहा, ‘भारतीय दर्शकों का समर्थन अद्भुत है। यह देखना सुखद है कि कैसे शतरंज अब भारत में एक जन-आंदोलन की तरह लोकप्रिय हो रहा है।’
प्रणेश एम के करियर के अहम पड़ाव
प्रणेश ने अपने साक्षात्कार में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने आर. वैशाली के साथ अपने गहरे जुड़ाव को स्वीकार किया, जबकि प्रज्ञानंद की सहायता करने संबंधी अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच रमेश के साथ किए गए कठोर प्रशिक्षण को दिया है।
मुख्य बिंदु:
- प्रणेश एम ने ग्लोबल चेस लीग में शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष 50 में जगह बनाई।
- भारतीय दर्शकों का उत्साह विदेशी खिलाड़ियों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।
- प्रणेश ने कोच रमेश के मार्गदर्शन को अपने करियर का टर्निंग पॉइंट बताया।
- भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक उपलब्धियां हासिल करना उनका मुख्य लक्ष्य है।
प्रणेश का यह प्रदर्शन न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए मील का पत्थर है, बल्कि यह भारतीय शतरंज के सुनहरे भविष्य की ओर भी इशारा करता है। जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ रहा है, पूरी दुनिया की निगाहें इस युवा खिलाड़ी की अगली चालों पर टिकी हैं।