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जेलों में सुरक्षा का नया अध्याय

हरियाणा सरकार ने राज्य की जेलों, विशेष रूप से गुरुग्राम की भोंडसी जेल से संचालित हो रहे संगठित अपराध और जबरन वसूली (extortion) के रैकेट को तोड़ने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाने का निर्णय लिया है। राज्य के गृह विभाग ने अब पारंपरिक जैमर्स (jammers) के स्थान पर अत्याधुनिक 'कॉल-ब्लॉकिंग तकनीक' को अपनाने की योजना बनाई है। यह तकनीक न केवल जेल के भीतर मोबाइल नेटवर्क को नियंत्रित करेगी, बल्कि अनधिकृत कॉल्स को जड़ से खत्म करने में सक्षम होगी।

क्यों जरूरी है यह बदलाव?

पिछले कुछ समय से भोंडसी जेल समेत प्रदेश की कई जेलों से गैंगस्टरों द्वारा बाहर व्यापारियों और आम नागरिकों को फोन कर रंगदारी मांगने के मामले तेजी से बढ़े हैं। मौजूदा जैमर तकनीक अक्सर पुरानी पड़ चुकी है और कई बार जेल के आसपास के रिहायशी इलाकों में नेटवर्क की समस्या पैदा कर देती है। livebharatsamachar.com की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, नई तकनीक का उद्देश्य जेल परिसर के भीतर किसी भी संदिग्ध मोबाइल सिग्नल को तुरंत ट्रैक करना और उसे सक्रिय होने से पहले ही ब्लॉक कर देना है।

livebharatsamachar.com संवाददाता के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि यह नई तकनीक न केवल जेल प्रशासन की कार्यक्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि आम जनता में सुरक्षा की भावना को भी पुख्ता करेगी।

नई तकनीक के मुख्य लाभ

आगे की राह

हरियाणा सरकार ने इस परियोजना के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम गठित की है जो जल्द ही जेल परिसर में इसका ट्रायल शुरू करेगी। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे राज्य की अन्य उच्च-सुरक्षा वाली जेलों में भी लागू किया जाएगा। यह कदम न केवल गैंगस्टरों के नेटवर्क को तोड़ने में मदद करेगा, बल्कि जेल सुधार की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

मंगलवार, 8 सितम्बर , 2026

हरियाणा सरकार का बड़ा कदम: भोंडसी जेल से होने वाली अवैध वसूली पर लगेगी लगाम, नई तकनीक से ब्लॉक होंगे गैंगस्टरों के कॉल

जेलों में सुरक्षा का नया अध्याय

हरियाणा सरकार ने राज्य की जेलों, विशेष रूप से गुरुग्राम की भोंडसी जेल से संचालित हो रहे संगठित अपराध और जबरन वसूली (extortion) के रैकेट को तोड़ने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाने का निर्णय लिया है। राज्य के गृह विभाग ने अब पारंपरिक जैमर्स (jammers) के स्थान पर अत्याधुनिक ‘कॉल-ब्लॉकिंग तकनीक’ को अपनाने की योजना बनाई है। यह तकनीक न केवल जेल के भीतर मोबाइल नेटवर्क को नियंत्रित करेगी, बल्कि अनधिकृत कॉल्स को जड़ से खत्म करने में सक्षम होगी।

क्यों जरूरी है यह बदलाव?

पिछले कुछ समय से भोंडसी जेल समेत प्रदेश की कई जेलों से गैंगस्टरों द्वारा बाहर व्यापारियों और आम नागरिकों को फोन कर रंगदारी मांगने के मामले तेजी से बढ़े हैं। मौजूदा जैमर तकनीक अक्सर पुरानी पड़ चुकी है और कई बार जेल के आसपास के रिहायशी इलाकों में नेटवर्क की समस्या पैदा कर देती है। livebharatsamachar.com की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, नई तकनीक का उद्देश्य जेल परिसर के भीतर किसी भी संदिग्ध मोबाइल सिग्नल को तुरंत ट्रैक करना और उसे सक्रिय होने से पहले ही ब्लॉक कर देना है।

livebharatsamachar.com संवाददाता के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि यह नई तकनीक न केवल जेल प्रशासन की कार्यक्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि आम जनता में सुरक्षा की भावना को भी पुख्ता करेगी।

नई तकनीक के मुख्य लाभ

  • सटीक ब्लॉकिंग: यह तकनीक केवल जेल के अंदर के अनधिकृत सिग्नलों को लक्षित करेगी, जिससे आसपास के निवासियों को नेटवर्क की समस्या नहीं होगी।
  • अपराध पर लगाम: गैंगस्टरों द्वारा जेल से बाहर किए जाने वाले कॉल पूरी तरह से बंद हो जाएंगे।
  • आधुनिक निगरानी: जेल प्रशासन के पास अब संदिग्ध गतिविधियों को रियल-टाइम में मॉनिटर करने की क्षमता होगी।
  • तकनीकी अपग्रेड: पुराने जैमर्स की तुलना में यह तकनीक अधिक प्रभावी और कम खर्चीली साबित होगी।

आगे की राह

हरियाणा सरकार ने इस परियोजना के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम गठित की है जो जल्द ही जेल परिसर में इसका ट्रायल शुरू करेगी। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे राज्य की अन्य उच्च-सुरक्षा वाली जेलों में भी लागू किया जाएगा। यह कदम न केवल गैंगस्टरों के नेटवर्क को तोड़ने में मदद करेगा, बल्कि जेल सुधार की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

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