Livebharatsamachar ब्यूरो: विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन की मार झेल रहे पड़ोसी देश नेपाल में बिजली संकट को देखते हुए भारत ने मानवीय आधार पर बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने नेपाल को 654 मेगावाट बिजली की आपूर्ति करने का निर्णय लिया है, जो वहां के ऊर्जा क्षेत्र को पटरी पर लाने में बड़ी भूमिका निभाएगी।
बाढ़ से तबाह हुआ नेपाल का ऊर्जा ढांचा
हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के जलविद्युत संयंत्रों और ट्रांसमिशन लाइनों को भारी नुकसान पहुंचाया है। देश के कई हिस्सों में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है। नेपाल विद्युत प्राधिकरण (NEA) के अनुसार, बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण देश की आंतरिक उत्पादन क्षमता में भारी गिरावट आई है।
भारत की ओर से मिलने वाली यह 654 मेगावाट बिजली नेपाल के लिए एक बड़ी राहत है। यह आपूर्ति न केवल औद्योगिक जरूरतों को पूरा करेगी बल्कि आम नागरिकों के लिए भी बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।
भारत की मदद की मुख्य विशेषताएं
- भारत प्रतिदिन 18 घंटे बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
- कुल 654 मेगावाट बिजली नेपाल के पावर ग्रिड में जोड़ी जाएगी।
- यह कदम दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगा।
ऊर्जा सुरक्षा पर जोर
भारत और नेपाल के बीच ऊर्जा व्यापार समझौता दोनों देशों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। भारत पहले से ही नेपाल को बिजली निर्यात कर रहा है, लेकिन मौजूदा संकट के समय इस आपूर्ति को बढ़ाना भारत की ‘पड़ोसी पहले’ (Neighbourhood First) नीति का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक भारत की यह मदद जारी रहेगी।