Livebharatsamachar ब्यूरो: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर सुरक्षा और प्रक्रिया में एक गंभीर चूक का मामला सामने आया है। यहां तीन इतालवी (इटालियन) नागरिक बिना किसी इमिग्रेशन क्लीयरेंस के ही देश से बाहर उड़ान भरने में सफल रहे। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मचा दिया है और अब पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये तीनों यात्री दिल्ली से इटली के लिए रवाना होने वाली एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान में सवार थे। सामान्य प्रक्रिया के तहत, किसी भी अंतरराष्ट्रीय यात्री को बोर्डिंग से पहले इमिग्रेशन काउंटर से गुजरना अनिवार्य होता है, जहां उनके पासपोर्ट और वीजा की जांच की जाती है। हालांकि, ये यात्री सुरक्षा घेरे को पार करते हुए सीधे विमान तक पहुंच गए और किसी ने भी उनके दस्तावेजों की जांच नहीं की।
सुरक्षा में हुई बड़ी चूक
विमान के उड़ान भरने के बाद जब संबंधित एयरलाइन और इमिग्रेशन अधिकारियों ने रिकॉर्ड का मिलान किया, तब इस बड़ी लापरवाही का पता चला। यह घटना न केवल हवाई अड्डे की सुरक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के प्रोटोकॉल के गंभीर उल्लंघन को भी दर्शाती है।
एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हम इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह मानवीय भूल थी या किसी तकनीकी खराबी के कारण यात्री बिना जांच के आगे बढ़ गए। दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।’
जांच के मुख्य बिंदु
- इमिग्रेशन काउंटर पर यात्रियों की उपस्थिति का मिलान।
- सुरक्षा कर्मियों की भूमिका और सीसीटीवी फुटेज की जांच।
- एयरलाइन स्टाफ द्वारा बोर्डिंग गेट पर दस्तावेजों के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल में बदलाव।
फिलहाल, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं। संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस तरह की सुरक्षा चूक दोबारा न हो।