Livebharatsamachar ब्यूरो: श्रीलंका के एक सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक मानवीय हस्तक्षेप की अपील की है। मामला सऊदी अरब में ईशनिंदा के आरोप में कैद एक तमिल युवक की रिहाई से जुड़ा है। सांसद ने पीएम मोदी के सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ गहरे व्यक्तिगत संबंधों का हवाला देते हुए इस जटिल मामले में कूटनीतिक पहल करने का आग्रह किया है।
मामले की पृष्ठभूमि और आरोप
सऊदी अरब में ईशनिंदा के आरोप बेहद गंभीर माने जाते हैं और वहां के कानून के तहत इसके लिए कठोर दंड का प्रावधान है। श्रीलंका के सांसद ने बताया कि संबंधित युवक वहां रोजगार के सिलसिले में गया था, लेकिन अनजाने में हुई एक कथित टिप्पणी के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। परिवार और समर्थकों का दावा है कि युवक निर्दोष है और मामले को गलत तरीके से पेश किया गया है।
पीएम मोदी की कूटनीतिक भूमिका
सांसद का मानना है कि भारत के सऊदी अरब के साथ रणनीतिक और व्यक्तिगत संबंध वर्तमान में अपने उच्चतम स्तर पर हैं। पीएम मोदी की क्राउन प्रिंस के साथ घनिष्ठता इस मामले में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।
सांसद ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि भारत की बढ़ती वैश्विक साख और खाड़ी देशों के साथ प्रगाढ़ होते संबंधों के कारण, प्रधानमंत्री मोदी का एक आग्रह इस युवक के जीवन को बचाने के लिए पर्याप्त हो सकता है।
प्रमुख बिंदु
- सऊदी अरब में ईशनिंदा के आरोपी तमिल युवक की रिहाई के लिए श्रीलंका से उठी मांग।
- सांसद ने पीएम मोदी के ‘क्राउन प्रिंस’ के साथ करीबी संबंधों को आधार बनाया।
- युवक के परिवार ने भारत सरकार से मानवीय आधार पर मदद की गुहार लगाई है।
- मामला कूटनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
फिलहाल, भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस अपील ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत सरकार इस संवेदनशील मामले में कोई कूटनीतिक रास्ता निकालती है।