Livebharatsamachar ब्यूरो: मोंटी पायथन के दिग्गज कलाकार एरिक आइडल ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे कठिन दौर और मृत्यु के प्रति अपने दृष्टिकोण पर खुलकर बात की है। 83 वर्षीय इस कलाकार ने अग्न्याशय (पैंक्रियाटिक) कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को मात देने के बाद फ्रांस के प्रोवेंस में एक शांत जीवन जीने का फैसला किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे अपनी अंतिम यात्रा के लिए इसी खूबसूरत स्थान को अपना अंतिम विश्राम स्थल बनाना चाहते हैं।
मृत्यु और जीवन का दर्शन
एरिक आइडल ने अपने हालिया साक्षात्कार में बताया कि कैंसर के साथ उनकी लड़ाई ने उन्हें जीवन को देखने का एक नया नजरिया दिया है। उन्होंने कहा कि अब वे हर दिन को एक उपहार के रूप में देखते हैं। प्रोवेंस की शांति उन्हें वह सुकून देती है जिसकी तलाश उन्हें दशकों की भागदौड़ भरी जिंदगी के बाद थी।
जॉर्ज हैरिसन के साथ वह आखिरी बातचीत
आइडल ने बीटल्स के महान संगीतकार जॉर्ज हैरिसन के साथ 2001 में हुई अपनी एक भावुक बातचीत को याद किया। हैरिसन के अंतिम दिनों के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे दोनों ने मृत्यु और पुनर्जन्म के विषयों पर चर्चा की थी।
मृत्यु के बारे में हमारी धारणाएं बिल्कुल अलग थीं, लेकिन उस चर्चा ने मुझे सिखाया कि जीवन का अंत केवल एक भौतिक प्रक्रिया है, जबकि हमारी विरासत और यादें हमेशा जीवित रहती हैं।
प्रमुख बातें
- एरिक आइडल ने अग्न्याशय कैंसर से उबरने के बाद जीवन को नए सिरे से परिभाषित किया है।
- वे अब फ्रांस के प्रोवेंस में बस गए हैं और वहीं दफन होना चाहते हैं।
- जॉर्ज हैरिसन के साथ उनकी दोस्ती और आध्यात्मिक चर्चाएं आज भी उनके जीवन का अहम हिस्सा हैं।
- मोंटी पायथन के माध्यम से उन्होंने दुनिया को जो कॉमेडी विरासत दी है, वह आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करती है।
एरिक आइडल का यह बयान न केवल उनके प्रशंसकों के लिए भावुक कर देने वाला है, बल्कि यह जीवन की नश्वरता को स्वीकार करने का एक साहसपूर्ण उदाहरण भी है।