Livebharatsamachar ब्यूरो: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वैश्विक चुनौतियों पर भारत का कड़ा रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक व्यवस्था भारी तनाव के दौर से गुजर रही है और दुनिया को मौजूदा संघर्षों व उभरती हुई तकनीकों से निपटने के लिए बहुपक्षवाद को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।
बहुपक्षवाद पर भारत का जोर
न्यूयॉर्क में आयोजित ‘पार्टनर्स फॉर मल्टीलेटरलिज्म’ शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करते हुए जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग की वकालत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की जटिल समस्याओं का समाधान केवल आपसी संवाद और समावेशी वैश्विक ढांचे के माध्यम से ही संभव है।
वैश्विक व्यवस्था आज अभूतपूर्व दबाव में है। हमें ऐसे बहुपक्षीय मंचों की आवश्यकता है जो न केवल प्रासंगिक हों, बल्कि समकालीन चुनौतियों का सामना करने में सक्षम भी हों।
सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी को मिला समर्थन
इस दौरे की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि स्लोवाकिया द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए समर्थन जताना रही। विसेग्राद समूह (V4) और भारत के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक को एक ऐतिहासिक अवसर के रूप में देखा जा रहा है, जो भारत की वैश्विक कूटनीति को नई मजबूती प्रदान करता है।
मुख्य बिंदु:
- वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए बहुपक्षवाद को नई दिशा देने का आह्वान।
- उभरती प्रौद्योगिकियों के विनियमन और सहयोग पर विशेष चर्चा।
- स्लोवाकिया ने UNSC में भारत की स्थायी दावेदारी का समर्थन किया।
- विसेग्राद समूह के साथ भारत के संबंधों में एक नया अध्याय शुरू हुआ।