Livebharatsamachar ब्यूरो: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई अब केवल राष्ट्रीय या राज्य स्तर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए जिला स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। गृह मंत्री ने नशा मुक्त भारत के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि ड्रग्स का जाल युवाओं को खोखला कर रहा है, जिसे जड़ से मिटाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जिला स्तर पर होगी निगरानी
गृह मंत्री ने जोर दिया कि ड्रग्स की तस्करी और इसके वितरण नेटवर्क को तोड़ने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को अब अपने क्षेत्रों में नशा विरोधी गतिविधियों की सीधी जिम्मेदारी लेनी होगी। इस नई रणनीति के तहत हर जिले में एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा जो नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन पर कड़ी नजर रखेगी।
नशा मुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा जब हम इसे हर गांव और हर जिले से उखाड़ फेंकेंगे। ड्रग्स के खिलाफ यह लड़ाई अब जिला स्तर पर लड़ी जाएगी, जिसमें स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही तय होगी। – अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
प्रमुख बिंदु और कार्ययोजना
- नशा विरोधी अभियानों में स्थानीय स्तर पर जन-भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।
- ड्रग्स के हॉटस्पॉट की पहचान कर वहां सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- युवाओं को जागरूक करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में विशेष सत्र आयोजित होंगे।
- नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कानून और त्वरित अदालती कार्रवाई पर जोर दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि ड्रग्स की समस्या न केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा है, बल्कि यह एक सामाजिक बुराई है। अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और गृह मंत्रियों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की है ताकि देश की आने वाली पीढ़ी को इस जहर से बचाया जा सके।