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Livebharatsamachar ब्यूरो: गुरुग्राम के औद्योगिक हब उद्योग विहार को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क एक बार फिर बदहाली की शिकार हो गई है। महज कुछ महीने पहले ही करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से इस सड़क का कायाकल्प किया गया था, जिसमें नई फुटपाथ और ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण भी शामिल था। लेकिन आज स्थिति यह है कि सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे उभर आए हैं और बेतरतीब पार्किंग ने यातायात को पूरी तरह से ठप कर दिया है।

मरम्मत के चंद महीनों बाद ही उखड़ी सड़क

स्थानीय लोगों और उद्योगपतियों का कहना है कि 2024 में हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सड़क का डामर जगह-जगह से उखड़ चुका है, जिससे भारी वाहनों के गुजरने पर धूल और पत्थरों की बौछार होती है। बारिश के मौसम में ये गड्ढे और भी खतरनाक हो जाते हैं, जिससे आए दिन दुपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।

पार्किंग का संकट और यातायात का दबाव

सड़क के किनारे अवैध पार्किंग ने स्थिति को और विकट बना दिया है। औद्योगिक इकाइयों के बाहर खड़े भारी वाहनों और निजी कारों के कारण सड़क की चौड़ाई आधी रह गई है। इस संबंध में एक स्थानीय उद्यमी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा:

सड़क के नवीनीकरण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। न तो पार्किंग की कोई व्यवस्था है और न ही अतिक्रमण हटाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए हैं। हम रोज घंटों ट्रैफिक जाम में फंसने को मजबूर हैं।

प्रमुख समस्याएं एक नजर में

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की जांच करवाएंगे और ठेकेदार की जवाबदेही तय की जाएगी। हालांकि, उद्योग विहार में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए यह सड़क अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

बुधवार, 23 सितम्बर , 2026

गुरुग्राम: 6 करोड़ खर्च के बाद भी उद्योग विहार की सड़क बदहाल, गड्ढों और जाम से जूझ रहे वाहन चालक

Livebharatsamachar ब्यूरो: गुरुग्राम के औद्योगिक हब उद्योग विहार को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क एक बार फिर बदहाली की शिकार हो गई है। महज कुछ महीने पहले ही करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से इस सड़क का कायाकल्प किया गया था, जिसमें नई फुटपाथ और ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण भी शामिल था। लेकिन आज स्थिति यह है कि सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे उभर आए हैं और बेतरतीब पार्किंग ने यातायात को पूरी तरह से ठप कर दिया है।

मरम्मत के चंद महीनों बाद ही उखड़ी सड़क

स्थानीय लोगों और उद्योगपतियों का कहना है कि 2024 में हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सड़क का डामर जगह-जगह से उखड़ चुका है, जिससे भारी वाहनों के गुजरने पर धूल और पत्थरों की बौछार होती है। बारिश के मौसम में ये गड्ढे और भी खतरनाक हो जाते हैं, जिससे आए दिन दुपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।

पार्किंग का संकट और यातायात का दबाव

सड़क के किनारे अवैध पार्किंग ने स्थिति को और विकट बना दिया है। औद्योगिक इकाइयों के बाहर खड़े भारी वाहनों और निजी कारों के कारण सड़क की चौड़ाई आधी रह गई है। इस संबंध में एक स्थानीय उद्यमी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा:

सड़क के नवीनीकरण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। न तो पार्किंग की कोई व्यवस्था है और न ही अतिक्रमण हटाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए हैं। हम रोज घंटों ट्रैफिक जाम में फंसने को मजबूर हैं।

प्रमुख समस्याएं एक नजर में

  • सड़क पर बने गहरे गड्ढे जो दुर्घटनाओं को दे रहे न्योता।
  • अवैध पार्किंग के कारण सड़क पर वाहनों का भारी दबाव।
  • हालिया निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठते सवाल।
  • पैदल चलने वालों के लिए बने फुटपाथों पर अतिक्रमण।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की जांच करवाएंगे और ठेकेदार की जवाबदेही तय की जाएगी। हालांकि, उद्योग विहार में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए यह सड़क अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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