Livebharatsamachar ब्यूरो: शतरंज ओलंपियाड में भारतीय टीमों का सफर रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। ओपन वर्ग में भारतीय पुरुष टीम ने इंग्लैंड को 2.5-1.5 के अंतर से हराकर पदक की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत की है, लेकिन उज्बेकिस्तान के लगातार शानदार प्रदर्शन ने स्वर्ण पदक की राह को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
पुरुष वर्ग: जीत के बावजूद स्वर्ण की चुनौती
इंग्लैंड के खिलाफ मिली इस जीत ने भारत को अंक तालिका में ऊपर तो रखा है, लेकिन उज्बेकिस्तान की अपराजेय लय ने भारत के लिए स्वर्ण पदक की उम्मीदों को धुंधला कर दिया है। भारतीय खिलाड़ी अब केवल जीत से संतुष्ट नहीं रह सकते, उन्हें अन्य टीमों के परिणामों पर भी निर्भर रहना होगा।
महिला टीम का दबदबा
दूसरी ओर, भारतीय महिला टीम ने जर्मनी के खिलाफ 3.5-0.5 की एकतरफा जीत दर्ज कर खिताबी दौड़ में अपनी दावेदारी को और पुख्ता कर लिया है। इस जीत में सविता श्री का प्रदर्शन सबसे प्रभावशाली रहा, जिन्होंने लगातार छठी जीत दर्ज कर टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई है।
सविता श्री का फॉर्म भारतीय महिला टीम के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू है। उनकी निरंतरता ने टीम को दबाव के क्षणों में भी मजबूती प्रदान की है।
प्रमुख बिंदु:
- ओपन वर्ग में भारत की इंग्लैंड पर 2.5-1.5 से जीत।
- उज्बेकिस्तान का शानदार प्रदर्शन स्वर्ण पदक की राह में सबसे बड़ी बाधा।
- महिला वर्ग में जर्मनी के खिलाफ भारत की शानदार 3.5-0.5 से जीत।
- सविता श्री की लगातार छठी जीत ने टीम का मनोबल बढ़ाया।
आने वाले दौर में भारतीय टीमों के लिए हर मुकाबला ‘करो या मरो’ की स्थिति जैसा होगा। प्रशंसकों की निगाहें अब अगले राउंड के मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां से पदक का रंग तय हो सकता है।