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Livebharatsamachar ब्यूरो: नोएडा में हाल ही में हुई भीषण बस दुर्घटना के बाद का मंजर बेहद हृदयविदारक बना हुआ है। हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजन नोएडा के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जमा हो गए हैं, जहां वे अपने प्रियजनों की अंतिम पहचान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस दुखद घड़ी में अपनों को खोने का गम और अनिश्चितता का माहौल साफ देखा जा सकता है।

पहचान के लिए संघर्ष

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बस में लगी भीषण आग के कारण शवों की पहचान करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। मौके से केवल कंकाल ही बरामद हो पाए हैं, जिससे सामान्य तरीके से पहचान करना असंभव हो गया है। कुलदीप गुप्ता जैसे कई परिजन, जो अपने परिवार के सदस्यों की तलाश में वहां पहुंचे हैं, प्रशासन से ठोस जानकारी की गुहार लगा रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शवों की स्थिति को देखते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हम यात्रियों के रिकॉर्ड और फॉरेंसिक साक्ष्यों का मिलान कर रहे हैं ताकि परिजनों को स्पष्ट जानकारी दी जा सके।

प्रशासनिक प्रक्रिया और फॉरेंसिक जांच

पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम युद्धस्तर पर काम कर रही है। पहचान की प्रक्रिया में निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:

फिलहाल, प्रशासन ने परिजनों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही शवों को उनके परिजनों को सौंपा जाएगा, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।

शुक्रवार, 25 सितम्बर , 2026

नोएडा बस अग्निकांड: अपनों की तलाश में मोर्चरी पहुंचे परिजन, पहचान के लिए फॉरेंसिक जांच का सहारा

Livebharatsamachar ब्यूरो: नोएडा में हाल ही में हुई भीषण बस दुर्घटना के बाद का मंजर बेहद हृदयविदारक बना हुआ है। हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजन नोएडा के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जमा हो गए हैं, जहां वे अपने प्रियजनों की अंतिम पहचान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस दुखद घड़ी में अपनों को खोने का गम और अनिश्चितता का माहौल साफ देखा जा सकता है।

पहचान के लिए संघर्ष

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बस में लगी भीषण आग के कारण शवों की पहचान करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। मौके से केवल कंकाल ही बरामद हो पाए हैं, जिससे सामान्य तरीके से पहचान करना असंभव हो गया है। कुलदीप गुप्ता जैसे कई परिजन, जो अपने परिवार के सदस्यों की तलाश में वहां पहुंचे हैं, प्रशासन से ठोस जानकारी की गुहार लगा रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शवों की स्थिति को देखते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हम यात्रियों के रिकॉर्ड और फॉरेंसिक साक्ष्यों का मिलान कर रहे हैं ताकि परिजनों को स्पष्ट जानकारी दी जा सके।

प्रशासनिक प्रक्रिया और फॉरेंसिक जांच

पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम युद्धस्तर पर काम कर रही है। पहचान की प्रक्रिया में निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:

  • यात्रियों की सूची और बस बुकिंग रिकॉर्ड का मिलान।
  • बरामद अवशेषों का डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए नमूने लेना।
  • परिजनों से प्राप्त जानकारी और साक्ष्यों का मिलान।

फिलहाल, प्रशासन ने परिजनों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही शवों को उनके परिजनों को सौंपा जाएगा, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।

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