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Livebharatsamachar धर्म-अध्यात्म: 2026-10-18 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।

🙏 आज के पूज्य देव: भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी

आज का दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत उत्तम है। जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति के लिए सात्विक आचरण करें और जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र का दान दें। प्रतिदिन ईश्वर का स्मरण करने से मानसिक शांति मिलती है और सभी बाधाएं दूर होती हैं।

🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):

प्रातःकाल ब्रह्म बेला में स्नान कर पवित्र वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी के समक्ष दीप प्रज्वलित करें। भगवान को पीले पुष्प, तुलसी दल, रो अक्षत, और पंचामृत अर्पित करें। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें और अंत में आरती कर क्षमा प्रार्थना करें।

📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):

प्राचीन काल में एक बार नारद जी के पूछने पर ब्रह्मा जी ने श्री हरि विष्णु की आराधना का महात्म्य बताया था। जो भक्त सच्चे मन से भगवान विष्णु का पूजन और व्रत करता है, उसके समस्त पापों का नाश होता है। इस व्रत के प्रभाव से मनुष्य को लोक और परलोक दोनों में सुख की प्राप्ति होती है और अंत में विष्णु लोक में वास मिलता है।

रविवार, 18 अक्टूबर , 2026

आज का धार्मिक दायित्व एवं व्रत कथा (2026-10-18): आज के पूज्य देव (भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी), पूजा विधान एवं महात्म्य

Livebharatsamachar धर्म-अध्यात्म: 2026-10-18 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।

🙏 आज के पूज्य देव: भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी

आज का दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत उत्तम है। जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति के लिए सात्विक आचरण करें और जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र का दान दें। प्रतिदिन ईश्वर का स्मरण करने से मानसिक शांति मिलती है और सभी बाधाएं दूर होती हैं।

🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):

प्रातःकाल ब्रह्म बेला में स्नान कर पवित्र वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी के समक्ष दीप प्रज्वलित करें। भगवान को पीले पुष्प, तुलसी दल, रो अक्षत, और पंचामृत अर्पित करें। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें और अंत में आरती कर क्षमा प्रार्थना करें।

📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):

प्राचीन काल में एक बार नारद जी के पूछने पर ब्रह्मा जी ने श्री हरि विष्णु की आराधना का महात्म्य बताया था। जो भक्त सच्चे मन से भगवान विष्णु का पूजन और व्रत करता है, उसके समस्त पापों का नाश होता है। इस व्रत के प्रभाव से मनुष्य को लोक और परलोक दोनों में सुख की प्राप्ति होती है और अंत में विष्णु लोक में वास मिलता है।

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