Livebharatsamachar धर्म-अध्यात्म: 2026-10-19 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव भगवान सूर्य देव एवं जगत जननी माँ दुर्गा की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।
🙏 आज के पूज्य देव: भगवान सूर्य देव एवं जगत जननी माँ दुर्गा
आज का दिन सूर्य उपासना और शक्ति साधना के लिए अत्यंत मंगलकारी एवं ऊर्जावान है। नियमित रूप से यह पूजन करने से आत्मबल, यश और आरोग्य की प्राप्ति होती है तथा घर में सुख-शांति का वास रहता है। अपने दैनिक कर्मों को निष्काम भाव से करते हुए दीन-दुखियों की सहायता करना ही सच्चा धर्म है।
🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):
प्रातःकाल ब्रह्ममुहورت में स्नानादि से निवृत्त होकर तांबे के लोटे में जल, रोधि, अक्षत और लाल पुष्प लेकर ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके पश्चात माता दुर्गा के समक्ष घी का दीपक प्रज्वलित कर षोडशोपचार पूजन करें और दुर्गा चालीसा का पाठ करें। नैवेद्य के रूप में फल और मिष्ठान का भोग लगाकर आरती करें।
📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):
पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीनकाल में राजा सगर ने अपने अश्वमेध यज्ञ की रक्षा के लिए सूर्य उपासना का विशेष विधान किया था, जिससे उन्हें अजेय शक्ति और तेज की प्राप्ति हुई थी। माँ दुर्गा की कृपा से महिषासुर का वध संभव हुआ था, जो भक्तों के सभी संकटों का नाश करता है। इस व्रत और पूजन से मनुष्य के जीवन में आरोग्य, ऐश्वर्य और विजय श्री की प्राप्ति होती है।