लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है

Livebharatsamachar धर्म-अध्यात्म: 2026-10-20 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।

🙏 आज के पूज्य देव: भगवान शिव एवं माता पार्वती

आज का दिन आध्यात्मिक उन्नति, आत्म-शुद्धि और भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ है। अपने दैनिक कर्मों को निष्काम भाव से करते हुए जरूरतमंदों को अन्न और जल का दान करें। इससे आपके घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।

🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):

प्रातःकाल ब्रह्म बेला में स्नान कर पवित्र श्वेत वस्त्र धारण करें तथा शिव मंदिर या घर के ईशान कोण में भगवान शिव का अभिषेक करें। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और चंदन अर्पित करते हुए 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का श्रद्धापूर्वक एक सौ आठ बार जाप करें। पूजा के अंत में कर्पूर जलाकर आरती करें और समस्त परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें।

📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):

पौराणिक कथा के अनुसार, प्रदोष काल में भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों के सभी प्रकार के कष्ट और पाप नष्ट हो जाते हैं। एक समय देवर्षि नारद ने त्रिलोक के भ्रमण के दौरान जीवों के दुखों को दूर करने के लिए इसी प्रदोष व्रत के महात्म्य का उपदेश दिया था। इस व्रत को करने से मनुष्य को आरोग्य, ऐश्वर्य और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है।

मंगलवार, 20 अक्टूबर , 2026

आज का धार्मिक दायित्व एवं व्रत कथा (2026-10-20): आज के पूज्य देव (भगवान शिव एवं माता पार्वती), पूजा विधान एवं महात्म्य

Livebharatsamachar धर्म-अध्यात्म: 2026-10-20 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।

🙏 आज के पूज्य देव: भगवान शिव एवं माता पार्वती

आज का दिन आध्यात्मिक उन्नति, आत्म-शुद्धि और भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ है। अपने दैनिक कर्मों को निष्काम भाव से करते हुए जरूरतमंदों को अन्न और जल का दान करें। इससे आपके घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।

🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):

प्रातःकाल ब्रह्म बेला में स्नान कर पवित्र श्वेत वस्त्र धारण करें तथा शिव मंदिर या घर के ईशान कोण में भगवान शिव का अभिषेक करें। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और चंदन अर्पित करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का श्रद्धापूर्वक एक सौ आठ बार जाप करें। पूजा के अंत में कर्पूर जलाकर आरती करें और समस्त परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें।

📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):

पौराणिक कथा के अनुसार, प्रदोष काल में भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों के सभी प्रकार के कष्ट और पाप नष्ट हो जाते हैं। एक समय देवर्षि नारद ने त्रिलोक के भ्रमण के दौरान जीवों के दुखों को दूर करने के लिए इसी प्रदोष व्रत के महात्म्य का उपदेश दिया था। इस व्रत को करने से मनुष्य को आरोग्य, ऐश्वर्य और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *