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Livebharatsamachar धर्म-अध्यात्म: 2026-10-27 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव भगवान शिव और सोम प्रदोष की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।

🙏 आज के पूज्य देव: भगवान शिव और सोम प्रदोष

आज का दिन देवाधिदेव महादेव की आराधना के लिए अत्यंत कल्याणकारी है। जीवन में शांति, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति के लिए शिवोपासना सर्वोत्तम मार्ग है। अपने नित्य कर्मों को पूरी निष्ठा और सात्विक भाव से पूर्ण करते हुए दीन-दुखियों की सेवा करना ही सच्चा धर्म है।

🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):

प्रातःकाल ब्रह्ममुहورت में उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर पवित्र श्वेत वस्त्र धारण करें। शिवालय में जाकर शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद और घृत से रुद्राभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, आश्वफ फूल और चंदन अर्पित करते हुए 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करें.

📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):

पौराणिक कथा के अनुसार, एक समय एक निर्धन ब्राह्मणी अपने पुत्र के साथ ऋषि शांडिल्य के आश्रम पहुँची। ऋषि ने उसे सोमवार के व्रत और भगवान शिव की पूजा का विधान बताया, जिसके प्रभाव से उनके जीवन के सभी कष्ट दूर हो गए। इस व्रत को करने से साधक को आरोग्यता, संतान सुख और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है.

मंगलवार, 27 अक्टूबर , 2026

आज का धार्मिक दायित्व एवं व्रत कथा (2026-10-27): आज के पूज्य देव (भगवान शिव और सोम प्रदोष), पूजा विधान एवं महात्म्य

Livebharatsamachar धर्म-अध्यात्म: 2026-10-27 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव भगवान शिव और सोम प्रदोष की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।

🙏 आज के पूज्य देव: भगवान शिव और सोम प्रदोष

आज का दिन देवाधिदेव महादेव की आराधना के लिए अत्यंत कल्याणकारी है। जीवन में शांति, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति के लिए शिवोपासना सर्वोत्तम मार्ग है। अपने नित्य कर्मों को पूरी निष्ठा और सात्विक भाव से पूर्ण करते हुए दीन-दुखियों की सेवा करना ही सच्चा धर्म है।

🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):

प्रातःकाल ब्रह्ममुहورت में उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर पवित्र श्वेत वस्त्र धारण करें। शिवालय में जाकर शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद और घृत से रुद्राभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, आश्वफ फूल और चंदन अर्पित करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जप करें.

📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):

पौराणिक कथा के अनुसार, एक समय एक निर्धन ब्राह्मणी अपने पुत्र के साथ ऋषि शांडिल्य के आश्रम पहुँची। ऋषि ने उसे सोमवार के व्रत और भगवान शिव की पूजा का विधान बताया, जिसके प्रभाव से उनके जीवन के सभी कष्ट दूर हो गए। इस व्रत को करने से साधक को आरोग्यता, संतान सुख और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है.

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