Livebharatsamachar धर्म-अध्यात्म: 2026-11-01 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।
🙏 आज के पूज्य देव: भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी
आज का दिन भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की आराधना के लिए अत्यंत फलदायी है। नित्य कर्मों से निवृत्त होकर सात्विक भाव से पूजन करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। जीवन में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति के लिए दैनिक ईश्वराराधना को अपनी जीवनशैली का मुख्य अंग बनाएं। सभी जीवों के प्रति दया भाव रखना और सत्संग करना ही सबसे बड़ा धर्म है।
🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):
प्रातःकाल ब्रह्ममुहूर्त में स्नानादि से निवृत्त होकर पवित्र पीले वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की प्रतिमा के समक्ष घी का दीपक प्रज्वलित कर षोडशोपचार पूजन करें। श्री हरि को पीले पुष्प, तुलसी दल, और पंचामृत का भोग अर्पित करें। पूजा के दौरान ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का श्रद्धापूर्वक कम से कम एक माला जाप करें।
📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):
पौराणिक कथा के अनुसार, सतयुग में देवर्षि नारद के पूछने पर भगवान विष्णु ने मार्गशीर्ष मास के महात्म्य और नित्य पूजन के महत्व को समझाया था। जो श्रद्धालु सच्चे मन से भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी का स्मरण करते हैं, उनके सभी संकट दूर होते हैं। इस नित्य स्मरण से घर में सुख, शांति, और ऐश्वर्य का perpetual वास होता है। कथा के अंत में आरती करके प्रसाद वितरण करना चाहिए।