Livebharatsamachar धर्म-अध्यात्म: 2026-11-02 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव भगवान शिव की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।
🙏 आज के पूज्य देव: भगवान शिव
आज का दिन देवाधिदेव महादेव की आराधना के लिए समर्पित है जो भक्तों को मानसिक शांति और मोक्ष प्रदान करते हैं। दैनिक जीवन में अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए भगवान शिव का स्मरण करने से अहंकार का नाश होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है। जीवों पर दया करना, सात्विक आचरण रखना और जरूरतमंदों की सहायता करना ही सबसे बड़ा धर्म है।
🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):
प्रातःकाल स्नान करके पवित्र वस्त्र धारण करें और शिव मंदिर या घर के पूजा स्थल पर उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें। शिवलिंग पर गंगा जल, दूध, और शुद्ध जल से अभिषेक करें तथा बेलपत्र, धतूरा, अक्षत और श्वेत पुष्प अर्पित करें। इसके बाद धूप और दीप जलाकर ॐ नमः शिवाय मंत्र का एक माला जाप करें और अंत में आरती कर क्षमा प्रार्थना करें।
📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):
सोमवार का दिन भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और यह व्रत चंद्रमा और शिव कृपा प्राप्ति के लिए किया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार एक साहusī महाजन था जिसके यहां पुत्र प्राप्ति के बाद भी अल्पायु का योग था, परंतु माता पार्वती और भगवान शिव की कृपा से उसे दीर्घायु का वरदान मिला। जो भक्त इस दिन श्रद्धापूर्वक शिवजी की पूजा और व्रत करते हैं, उनके सभी संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।