Livebharatsamachar धर्म-अध्यात्म: 2026-11-07 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव संतोषी माता एवं शुक्रदेव की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।
🙏 आज के पूज्य देव: संतोषी माता एवं शुक्रदेव
आज का दिन संतोष, संयम और वैभव प्राप्ति के लिए अत्यंत उत्तम है। जीवन में संतोष का भाव रखने से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। गृहस्थ जीवन में मधुरता बनाए रखने के लिए आज के दिन दान-पुण्य और परोपकार अवश्य करना चाहिए। नित्य की यह पूजा मनुष्य को नकारात्मकता से दूर रखकर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।
🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):
प्रातःकाल उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और माता संतोषी तथा शुक्र देव का ध्यान करें। पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र कर माता की प्रतिमा स्थापित करें और उनके समक्ष शुद्ध घी का दीपक तथा धूपबत्ती प्रज्वलित करें। माता को लाल फूल, अक्षत, रोली तथा गुड़-चने का प्रसाद अर्पित करें। इसके बाद श्रद्धापूर्वक संतोषी माता की व्रत कथा का पाठ करें और अंत में आरती कर सभी में प्रसाद वितरित करें।
📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):
प्राचीन काल में एक गरीब व्यक्ति था, जिसकी पत्नी बहुत संतोषी स्वभाव की थी और हर परिस्थिति में भगवान का शुक्राना करती थी। एक बार नगर की कुछ महिलाओं ने उसे संतोषी माता के व्रत का विधान बताया और उसने श्रद्धापूर्वक इस व्रत को करना आरंभ किया। माता की कृपा से उसके घर में धन-धान्य की वृद्धि हुई और उसका बिछड़ा हुआ पति भी वापस लौट आया। परंतु बीच में अभिमान के कारण उसने खट्टा खाने की भूल की, जिससे उसे संकट का सामना करना पड़ा। पुनः क्षमा मांगकर उसने विधि-विधान से व्रत पूर्ण किया और माता की असीम कृपा प्राप्त की।