बस्ती ,14 जुलाई : लाइव भारत समाचार :- शहरों में अतिक्रमण को लेकर हमेशा चर्चा तो होती हैं और समय समय पर अभियान भी चलता हैं लेकिन उसके बावजूद अतिक्रमण करने वाले अपनी दुकानों के सामने अपने अपने वाहन तो खड़े करते ही हैं साथ ही अपनी दुकानों के सामान को भी सड़कों तक फैला लेते हैं और कुछ जगह तो चाट पकोड़ी व होटलों , माल के सामने बेतर्किब वाहन खड़े रहते हैं , रोडवेज पर भी देखा जाय तो परिवहन कि बसे कंपाउंड में न खड़े होकर बाहर सड़क पर सवारियों का इंतजार करते हैं,जिससे जाम की स्थिति उतपन्न रहती हैं और स्थानीय पुलिस प्रशासन एवं ट्रैफिक सब कुछ देखकर भी अंजान बना रहता हैं,शहर में अतिक्रमण बड़ी समस्या है मुख्य बाजार में तो अतिक्रमण है ही अन्य सड़कों पर भी अब अतिक्रमण विकराल रूप ले रहा है ,नगर पालिका और प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए मुहिम तो शुरू की जाती है तो एक दो क्षेत्रों में कार्रवाई के बाद मुहिम ठंडे बस्ते में चली जाती है! कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण जहां से हटाया था वहीं फिर आकर जम जाता है।शहर में अतिक्रमण हटाने की मुहिम सफल नहीं हो पाती! अतिक्रमण की समस्या से यातायात भी बाधित होता है! आमजन को बाजार में रेंगकर वाहन गुजरना पड़ते हैं! जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता को विश्वास में लेकर अतिक्रमण हटाने का काम बखूबी कर सकते हैं लेकिन इक्का-दुक्का कार्रवाई के बाद इस मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाता! अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कई बार व्यापारी नेता भी अतिक्रमणकारियों के समर्थन में खड़े नजर आते हैं! अभी ट्रैफिक पुलिस द्वारा एक माल के सामने बेतरकीब खड़े बाइक का चालान भी हुआ पर अगले दिन फिर वैसे ही तो क्या माल और दुकानदारों की कोई जिम्मेदारी नहीं।
शहरों में कई सड़कें हैं जिन्हें चौड़ा तो नही किया जा सकता पर जरूरत है इन पर से अतिक्रमण हटाने की और साथ ही पार्किंग की व्यवस्था हो जिससे शहर की सुंदरता पर से यह अवैध कब्जे का दाग हट सके ।
रिपोर्ट ,बस्ती ब्यूरो : लाइव भारत समाचार