लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है बस्ती ,16 जुलाई : लाइव भारत समाचार :- मुख्य सचिव उ०प्र० द्वारा विडियो कॉन्फ्रेंन्सिग के माध्यम से दिये गये निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने खरीफ-2025 अभियान को सफल बनाये जाने के लिए कृषकों को निर्धारित दर पर समय से उर्वरको की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने हेतु उर्वरक के क्रय, विक्रय एवं उपलब्धता के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक किया। उन्होने कहा कि जनपद में प्राइवेट स्टॉक बहुत ज्यादा दिख रहा है, लेकिन समितियों पर जो स्थितियां है, वहाँ स्टॉक कम हो रहा है। किसान प्राइवेट दुकान की अपेक्षा उर्वरक समितियों से खरीदने में ज्यादा रूचि रख रहे हैं। जनपद में कितने रिटेलर है, जिनके पास स्टॉक बहुत ज्यादा है, उन्हें चेक किया जाय। समिति के समीप जहाँ भी प्राइवेट उर्वरक बिक्री की दुकानें है. उन्हें पता किया जाय एवं इनके दुकानों से किसानों को उर्वरक उपलब्ध करवाया जाय। यूरिया का डाइवर्जन न होने पाए, इसकी शतत् निगरानी रखी जाए एवं प्रतिदिन स्टॉक को उनके समक्ष प्रस्तुत किया जाए। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि विगत वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष यूरिया की अधिक बिक्री हुई है, जोकि लगभग 10000 एमटी से अधिक है। निर्देश दिये गये कि किसान को उसकी कृषि भूमि से अधिक उर्वरक न दिया जाएं। इस पर सभी उर्वरक बिक्री केन्द्र/समितियाँ ध्यान दें. कृषित भूमि से अधिक उर्वरक बिक्री पर जिला कृषि अधिकारी नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। सहायक निबंधक सहकारिता द्वारा बताया गया कि पिछले वर्ष खरीफ में उर्वरक वितरण की अपेक्षा इस वर्ष 1000 एमटी यूरिया का अधिक वितरण किया जा चुका है। सहायक निबंधक सहकारिता को निर्देशित किया गया कि जनपद के समस्त साधन सहकारी समितियों पर सचिव, जिला कृषि अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता का मोबाइल नम्बर, समिति खुलने का समय एवं रोस्टर का अंकन स्पष्ट रूप से कराया जाये। सभी समितियों का रेट बोर्ड/स्टॉक बोर्ड अद्यतन रखा जाये। रोस्टर के अनुसार समितियां समय से खोली जाये तथा समितियों पर उर्वरकों की उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए जिन समितियों पर 02 मै०टन उर्वरक अवशेष उपलब्ध रहे, तभी उनसे सम्बन्धित सचिव के माध्यम से धनराशि निर्दिष्ट खाते में जमा करवाते हुए उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाये। साथ ही उर्वरक की बिक्री विगत वर्ष के सापेक्ष होनी चाहिए, अप्रत्याशित बिक्री पर निगरानी रखी जाए, किसी भी समिति/बिक्री केंद्र पर अधिक बिक्री का सत्यापन भी किया जाए। कृषकों के उनकी जोत बही एवं फसल संस्तुति के अनुसार ही उर्वरक का वितरण सुनिश्चित की जाए। यह भी निर्देश दिये गये कि निजी क्षेत्र के उर्वरक विनिर्माता कम्पनी से जो उर्वरक समितियों हेतु आवंटित हो रहा है, उसके क्रय हेतु सभी समितियो के माध्यम से समय से धनराशि सम्बन्धित खाते में जमा कराते हुए, जिला प्रबंधक पी०सी०एफ० से समन्वय स्थापित करके आपूर्ति सुनिश्चित करायी जाये। इस हेतु यदि आवश्यक हो, तो जिला सहकारी बैंक को अवकाश में भी खोला जाए। जनपद के प्रत्येक क्षेत्र में उर्वरकों के वितरण पर शतत निगरानी रखने हेतु क्षेत्रीय कर्मचारियों एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी प्रेक्षक के रूप में लगाने हेतु निर्देशित किया गया। जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जनपद के प्रत्येक क्षेत्र में उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराते हुए प्रत्येक विक्रय केन्द्र पर रेट बोर्ड/स्टॉक बोर्ड अद्यतन रखे तथा निर्धारित दर पर उर्वरकों की बिक्री सुनिश्चित कराये। कृषकों को उर्वरक पी०ओ०एस० मशीन से उनकी जोत बही के अनुसार ही दिया जाये। साथ ही उसकी रसीद कृषकों को उपलब्ध करायी जाये। मुख्य उर्वरक डी०ए०पी० एवं यूरिया के साथ अन्य किसी भी उत्पाद की टैगिंग कदापि न की जाये। यदि कही पर भी टैगिंग/ओवर रेटिंग/काला बाजारी का प्रकरण प्रकाश में आता है, तो संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। इस दौरान जनपद के समस्त किसान भाईयों से अपील किया कि जनपद में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। किसी भी क्षेत्र में किसी भी उर्वरक की कोई कमी नहीं है। किसान भाई अपनी फसल के आवश्यकतानुसार ही उर्वरकों का क्रय एवं प्रयोग करें। आवश्यकता से अधिक उर्वरकों का क्रय एवं प्रयोग करने पर खेती की लागत में वृद्धि होगी तथा मिट्टी एवं पर्यावरण के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। रिपोर्ट, बस्ती ब्यूरो : लाइव भारत समाचार
शनिवार, 7 मार्च , 2026

जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने का अधिकारियों को दिए निर्देश

बस्ती ,16 जुलाई : लाइव भारत समाचार :- मुख्य सचिव उ०प्र० द्वारा विडियो कॉन्फ्रेंन्सिग के माध्यम से दिये गये निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने खरीफ-2025 अभियान को सफल बनाये जाने के लिए कृषकों को निर्धारित दर पर समय से उर्वरको की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने हेतु उर्वरक के क्रय, विक्रय एवं उपलब्धता के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक किया।

उन्होने कहा कि जनपद में प्राइवेट स्टॉक बहुत ज्यादा दिख रहा है, लेकिन समितियों पर जो स्थितियां है, वहाँ स्टॉक कम हो रहा है। किसान प्राइवेट दुकान की अपेक्षा उर्वरक समितियों से खरीदने में ज्यादा रूचि रख रहे हैं। जनपद में कितने रिटेलर है, जिनके पास स्टॉक बहुत ज्यादा है, उन्हें चेक किया जाय। समिति के समीप जहाँ भी प्राइवेट उर्वरक बिक्री की दुकानें है. उन्हें पता किया जाय एवं इनके दुकानों से किसानों को उर्वरक उपलब्ध करवाया जाय। यूरिया का डाइवर्जन न होने पाए, इसकी शतत् निगरानी रखी जाए एवं प्रतिदिन स्टॉक को उनके समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि विगत वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष यूरिया की अधिक बिक्री हुई है, जोकि लगभग 10000 एमटी से अधिक है। निर्देश दिये गये कि किसान को उसकी कृषि भूमि से अधिक उर्वरक न दिया जाएं। इस पर सभी उर्वरक बिक्री केन्द्र/समितियाँ ध्यान दें. कृषित भूमि से अधिक उर्वरक बिक्री पर जिला कृषि अधिकारी नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। सहायक निबंधक सहकारिता द्वारा बताया गया कि पिछले वर्ष खरीफ में उर्वरक वितरण की अपेक्षा इस वर्ष 1000 एमटी यूरिया का अधिक वितरण किया जा चुका है।

सहायक निबंधक सहकारिता को निर्देशित किया गया कि जनपद के समस्त साधन सहकारी समितियों पर सचिव, जिला कृषि अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता का मोबाइल नम्बर, समिति खुलने का समय एवं रोस्टर का अंकन स्पष्ट रूप से कराया जाये। सभी समितियों का रेट बोर्ड/स्टॉक बोर्ड अद्यतन रखा जाये। रोस्टर के अनुसार समितियां समय से खोली जाये तथा समितियों पर उर्वरकों की उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए जिन समितियों पर 02 मै०टन उर्वरक अवशेष उपलब्ध रहे, तभी उनसे सम्बन्धित सचिव के माध्यम से धनराशि निर्दिष्ट खाते में जमा करवाते हुए उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाये। साथ ही उर्वरक की बिक्री विगत वर्ष के सापेक्ष होनी चाहिए, अप्रत्याशित बिक्री पर निगरानी रखी जाए, किसी भी समिति/बिक्री केंद्र पर अधिक बिक्री का सत्यापन भी किया जाए। कृषकों के उनकी जोत बही एवं फसल संस्तुति के अनुसार ही उर्वरक का वितरण सुनिश्चित की जाए।

यह भी निर्देश दिये गये कि निजी क्षेत्र के उर्वरक विनिर्माता कम्पनी से जो उर्वरक समितियों हेतु आवंटित हो रहा है, उसके क्रय हेतु सभी समितियो के माध्यम से समय से धनराशि सम्बन्धित खाते में जमा कराते हुए, जिला प्रबंधक पी०सी०एफ० से समन्वय स्थापित करके आपूर्ति सुनिश्चित करायी जाये। इस हेतु यदि आवश्यक हो, तो जिला सहकारी बैंक को अवकाश में भी खोला जाए। जनपद के प्रत्येक क्षेत्र में उर्वरकों के वितरण पर शतत निगरानी रखने हेतु क्षेत्रीय कर्मचारियों एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी प्रेक्षक के रूप में लगाने हेतु निर्देशित किया गया। जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जनपद के प्रत्येक क्षेत्र में उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराते हुए प्रत्येक विक्रय केन्द्र पर रेट बोर्ड/स्टॉक बोर्ड अद्यतन रखे तथा निर्धारित दर पर उर्वरकों की बिक्री सुनिश्चित कराये। कृषकों को उर्वरक पी०ओ०एस० मशीन से उनकी जोत बही के अनुसार ही दिया जाये। साथ ही उसकी रसीद कृषकों को उपलब्ध करायी जाये। मुख्य उर्वरक डी०ए०पी० एवं यूरिया के साथ अन्य किसी भी उत्पाद की टैगिंग कदापि न की जाये। यदि कही पर भी टैगिंग/ओवर रेटिंग/काला बाजारी का प्रकरण प्रकाश में आता है, तो संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।

इस दौरान जनपद के समस्त किसान भाईयों से अपील किया कि जनपद में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। किसी भी क्षेत्र में किसी भी उर्वरक की कोई कमी नहीं है। किसान भाई अपनी फसल के आवश्यकतानुसार ही उर्वरकों का क्रय एवं प्रयोग करें। आवश्यकता से अधिक उर्वरकों का क्रय एवं प्रयोग करने पर खेती की लागत में वृद्धि होगी तथा मिट्टी एवं पर्यावरण के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।

रिपोर्ट, बस्ती ब्यूरो : लाइव भारत समाचार

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