लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है बस्ती ,18 मार्च : लाइव भारत समाचार :- लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों पर बढ़ते शारीरिक व मानसिक हमलों और फर्जी मुकदमों के खिलाफ जनपद बस्ती के पत्रकारों ने आवाज बुलंद की है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब, बस्ती के बैनर तले पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन मंडलायुक्त को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से देश में तत्काल 'पत्रकार सुरक्षा कानून' (Journalist Protection Act) लागू करने और पत्रकारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की पुरजोर वकालत की गई है। मंडलायुक्त कार्यालय पर ज्ञापन सौंपने के बाद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के जिला अध्यक्ष सतीश श्रीवास्तव ने कहा कि आज के दौर में निष्पक्ष पत्रकारिता करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। फील्ड में रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों को न केवल असामाजिक तत्वों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ता है, बल्कि उन पर जानलेवा हमले भी हो रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि "पत्रकारों की सुरक्षा ही वास्तव में लोकतंत्र की सुरक्षा है," और यदि चौथा स्तंभ ही सुरक्षित नहीं रहेगा, तो समाज और राष्ट्र को जागरूक करने का कार्य बाधित होगा। संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में चार प्रमुख मांगों को रेखांकित किया गया है: कठोर सुरक्षा कानून: पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार तत्काल प्रभाव से देश में एक सशक्त और कठोर 'पत्रकार सुरक्षा कानून' लागू करे। पत्रकारों पर हमला करने वाले या उन्हें डराने-धमकाने वाले तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके। कर्तव्य पालन के दौरान पत्रकारों पर अक्सर बदले की भावना से फर्जी मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। क्लब ने मांग की है कि किसी भी पत्रकार पर कानूनी कार्रवाई से पहले उच्च स्तरीय जांच अनिवार्य की जाए। फील्ड में कार्यरत पत्रकारों के लिए अनिवार्य बीमा योजना, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और किसी अनहोनी या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता की गारंटी दी जाए। इस महत्वपूर्ण मुहिम में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य एकजुट नजर आए। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से वरिष्ठ उपाध्यक्ष एम. काशिफ (टाइम्स नाउ नवभारत), अनुज प्रताप सिंह (भारत समाचार), पारस नाथ मौर्य, बृजेश त्रिपाठी (न्यूज इंडिया), हिफजुर्रहमान (न्यूज 18) और वसीम अहमद (न्यूज 24), संतोष सिंह(आज तक), इंद्रजीत चौधरी (जनता टीवी), राजकुमार (टीवी24), कमलेश सिंह (जी न्यूज) सहित कई अन्य पत्रकार साथी शामिल रहे। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए इस आंदोलन को और भी तेज करेंगे। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है ताकि पत्रकारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके। रिपोर्ट ,बस्ती ब्यूरो : लाइव भारत समाचार
बुधवार, 18 मार्च , 2026

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर बढ़ते हमलों के खिलाफ लाम बंद हुआ इलेक्ट्रानिक मीडिया क्लब, सौंपा मांग पत्र

बस्ती ,18 मार्च : लाइव भारत समाचार :- लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों पर बढ़ते शारीरिक व मानसिक हमलों और फर्जी मुकदमों के खिलाफ जनपद बस्ती के पत्रकारों ने आवाज बुलंद की है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब, बस्ती के बैनर तले पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन मंडलायुक्त को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से देश में तत्काल ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ (Journalist Protection Act) लागू करने और पत्रकारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की पुरजोर वकालत की गई है।

मंडलायुक्त कार्यालय पर ज्ञापन सौंपने के बाद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के जिला अध्यक्ष सतीश श्रीवास्तव ने कहा कि आज के दौर में निष्पक्ष पत्रकारिता करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। फील्ड में रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों को न केवल असामाजिक तत्वों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ता है, बल्कि उन पर जानलेवा हमले भी हो रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि “पत्रकारों की सुरक्षा ही वास्तव में लोकतंत्र की सुरक्षा है,” और यदि चौथा स्तंभ ही सुरक्षित नहीं रहेगा, तो समाज और राष्ट्र को जागरूक करने का कार्य बाधित होगा।

संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में चार प्रमुख मांगों को रेखांकित किया गया है:

कठोर सुरक्षा कानून: पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार तत्काल प्रभाव से देश में एक सशक्त और कठोर ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ लागू करे।

पत्रकारों पर हमला करने वाले या उन्हें डराने-धमकाने वाले तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके।

कर्तव्य पालन के दौरान पत्रकारों पर अक्सर बदले की भावना से फर्जी मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। क्लब ने मांग की है कि किसी भी पत्रकार पर कानूनी कार्रवाई से पहले उच्च स्तरीय जांच अनिवार्य की जाए।

फील्ड में कार्यरत पत्रकारों के लिए अनिवार्य बीमा योजना, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और किसी अनहोनी या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता की गारंटी दी जाए।

इस महत्वपूर्ण मुहिम में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य एकजुट नजर आए। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से वरिष्ठ उपाध्यक्ष एम. काशिफ (टाइम्स नाउ नवभारत), अनुज प्रताप सिंह (भारत समाचार), पारस नाथ मौर्य, बृजेश त्रिपाठी (न्यूज इंडिया), हिफजुर्रहमान (न्यूज 18) और वसीम अहमद (न्यूज 24), संतोष सिंह(आज तक), इंद्रजीत चौधरी (जनता टीवी), राजकुमार (टीवी24), कमलेश सिंह (जी न्यूज) सहित कई अन्य पत्रकार साथी शामिल रहे।

पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए इस आंदोलन को और भी तेज करेंगे। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है ताकि पत्रकारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

रिपोर्ट ,बस्ती ब्यूरो : लाइव भारत समाचार

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