लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है   मध्य प्रदेश में वन्यजीव तस्करी पर बड़ा प्रहार, रेलवे मार्ग से हो रही तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू भोपाल, 28 जून। मध्य प्रदेश में वन्यजीव तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस, वन विभाग और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से एक विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे मार्ग के जरिए संरक्षित वन्यजीवों, विशेषकर कछुओं और अन्य दुर्लभ प्रजातियों की अवैध तस्करी पर प्रभावी रोक लगाना है। अधिकारियों के अनुसार, हाल के महीनों में कई मामलों में यह सामने आया कि तस्कर ट्रेनों के माध्यम से संरक्षित वन्यजीवों को एक राज्य से दूसरे राज्य और विदेशों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। इसे देखते हुए रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और संदिग्ध पार्सलों की विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। अभियान के तहत क्या होगा? प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर विशेष जांच अभियान। रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई। संदिग्ध यात्रियों और पार्सलों की सघन जांच। वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई। तस्करी के नेटवर्क की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई। वन्यजीव संरक्षण पर सरकार का जोर अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों की तस्करी जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा है। सरकार का लक्ष्य न केवल तस्करी पर रोक लगाना है, बल्कि लोगों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। विशेषज्ञों के अनुसार, कछुए, सांप, दुर्लभ पक्षी और अन्य संरक्षित जीवों की अवैध खरीद-फरोख्त अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैली हुई है। ऐसे में राज्यों के बीच समन्वय और कड़ी निगरानी बेहद जरूरी है।   रिपोर्ट लाइव भारत समाचार 
रविवार, 28 जून , 2026

मध्य प्रदेश में वन्यजीव तस्करी पर बड़ा प्रहार, रेलवे मार्ग से हो रही तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू

 

मध्य प्रदेश में वन्यजीव तस्करी पर बड़ा प्रहार, रेलवे मार्ग से हो रही तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू

भोपाल, 28 जून। मध्य प्रदेश में वन्यजीव तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस, वन विभाग और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से एक विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे मार्ग के जरिए संरक्षित वन्यजीवों, विशेषकर कछुओं और अन्य दुर्लभ प्रजातियों की अवैध तस्करी पर प्रभावी रोक लगाना है।

अधिकारियों के अनुसार, हाल के महीनों में कई मामलों में यह सामने आया कि तस्कर ट्रेनों के माध्यम से संरक्षित वन्यजीवों को एक राज्य से दूसरे राज्य और विदेशों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। इसे देखते हुए रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और संदिग्ध पार्सलों की विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है।

अभियान के तहत क्या होगा?

प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर विशेष जांच अभियान।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई।

संदिग्ध यात्रियों और पार्सलों की सघन जांच।

वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई।

तस्करी के नेटवर्क की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई।

वन्यजीव संरक्षण पर सरकार का जोर

अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों की तस्करी जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा है। सरकार का लक्ष्य न केवल तस्करी पर रोक लगाना है, बल्कि लोगों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कछुए, सांप, दुर्लभ पक्षी और अन्य संरक्षित जीवों की अवैध खरीद-फरोख्त अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैली हुई है। ऐसे में राज्यों के बीच समन्वय और कड़ी निगरानी बेहद जरूरी है।

 

रिपोर्ट लाइव भारत समाचार 

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