‘नए भारत के नए प्रयागराज’ का संकल्प: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेरणा पार्क राष्ट्र को समर्पित किया

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और अशोक सिंघल की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण; विकास, विरासत और जनकल्याण का दिया संदेश
प्रयागराज से विशेष रिपोर्ट
प्रयागराज, 6 जुलाई। उत्तर प्रदेश के विकास अभियान को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को संगम नगरी प्रयागराज के काली घाट स्थित प्रेरणा पार्क का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय जनजीवन, राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा देने वाली तीन महान विभूतियों—डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी तथा अशोक सिंघल—की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रयागराज आज विकास, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक अधोसंरचना के संगम के रूप में नई पहचान बना रहा है। हमारी सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचाना है और प्रयागराज इस परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है।”
उन्होंने कहा कि प्रेरणा पार्क केवल एक सार्वजनिक स्थल नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और जनसेवा के मूल्यों का जीवंत केंद्र बनेगा। यहां स्थापित प्रतिमाएं नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के लिए प्रेरित करेंगी।
जनकल्याण योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र, आर्थिक सहायता के चेक, आवास की चाबियां तथा स्वच्छता अभियान से जुड़े सफाई किट वितरित किए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति में खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक पात्र नागरिक को उसका अधिकार सुनिश्चित किया जाए।
महान विभूतियों के योगदान को किया नमन
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रीय एकता और अखंड भारत के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया। अटल बिहारी वाजपेयी ने लोकतांत्रिक मूल्यों, सुशासन और विकास की नई दिशा दी, जबकि अशोक सिंघल ने भारतीय सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इन विभूतियों के आदर्श आज भी देश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
महाकुंभ के बाद भी विकास की रफ्तार बरकरार
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ के लिए विकसित आधारभूत संरचना अब प्रयागराज के दीर्घकालिक विकास की नींव बन रही है। सड़क, नदी तट, पर्यटन, स्वच्छता, हरित क्षेत्र, पेयजल और शहरी सुविधाओं के विस्तार से प्रयागराज को विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास और विरासत के संतुलन के साथ प्रयागराज को धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं।
रिपोर्ट ब्यूरो प्रयागराज|लाइव भारत समाचार