योगी कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना’ को दी मंजूरी

₹60 करोड़ के प्रारंभिक बजट के साथ शुरू होगी योजना, पशुओं की मौत या दुर्घटना पर मिलेगा आर्थिक सुरक्षा कवच
लखनऊ, 7 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों और पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना’ को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस योजना को स्वीकृति मिली। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में ₹60 करोड़ का प्रारंभिक बजट निर्धारित किया गया है।
किसानों और पशुपालकों को बड़ी राहत:
सरकार का कहना है कि प्राकृतिक आपदा, दुर्घटना, बीमारी अथवा अन्य कारणों से पशुओं की मृत्यु होने पर किसानों और पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। नई बीमा योजना का उद्देश्य ऐसे नुकसान की भरपाई कर ग्रामीण परिवारों की आय को सुरक्षित करना और पशुपालन को अधिक भरोसेमंद व्यवसाय बनाना है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया सहारा
उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े दुग्ध उत्पादक राज्यों में शामिल है। लाखों परिवार अपनी आजीविका के लिए गाय, भैंस, बकरी और अन्य पशुओं पर निर्भर हैं। ऐसे में पशुधन का नुकसान सीधे परिवार की आय पर असर डालता है। नई योजना से विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों, डेयरी संचालकों तथा पशुपालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का मानना है कि पशुधन केवल किसानों की संपत्ति नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। बीमा सुविधा उपलब्ध होने से पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा, किसानों का जोखिम कम होगा तथा डेयरी क्षेत्र में निवेश और उत्पादन दोनों को गति मिलेगी।
विशेषज्ञों की राय
कृषि और पशुपालन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया और बीमा दावों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हुआ, तो यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है।
राष्ट्रीय महत्व: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो अन्य राज्य भी इसी प्रकार की व्यापक पशुधन बीमा योजनाएं लागू करने पर विचार कर सकते हैं, जिससे देशभर के पशुपालकों को दीर्घकालिक सुरक्षा मिल सकती है।
रिपोर्ट ब्यूरो लखनऊ|लाइव भारत समाचार