लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है मिशन सेफ फ्यूचर: बच्चों की सुरक्षा पर सख्ती, बस्ती में स्कूली वाहनों पर चला बड़ा अभियान 6 स्कूल वाहनों का चालान, 2 वाहन जब्त; सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर परिवहन विभाग की कड़ी चेतावनी बस्ती से विशेष रिपोर्ट | लाइव भारत समाचार बस्ती 8 जुलाई। उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे "मिशन सेफ फ्यूचर" अभियान के तहत बस्ती जनपद में मंगलवार को व्यापक प्रवर्तन कार्रवाई की गई। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार 1 जुलाई से 15 जुलाई तक संचालित इस विशेष अभियान के अंतर्गत स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। मंगलवार को संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने उर्मिला एजूकेशनल एकेडमी, बस्ती में संचालित स्कूली वाहनों का भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वाहनों की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा उपकरण, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट, स्पीड गवर्नर तथा अन्य सुरक्षा मानकों की भी जांच की गई। अभियान का संचालन संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) फरीदउद्दीन एवं संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुरेश कुमार के निर्देशन में किया गया। कार्रवाई में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी माला बाजपेई तथा यात्री/मालकर अधिकारी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की संयुक्त टीम शामिल रही। 6 वाहनों का चालान, 2 वाहन किए गए निरुद्ध प्रवर्तन अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 6 स्कूली वाहनों का चालान किया गया, जबकि थाना हर्रैया एवं थाना पैकोलिया क्षेत्र में एक-एक वाहन को निरुद्ध (सीज) किया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि जिन वाहनों के दस्तावेज अधूरे हैं अथवा सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। स्कूल प्रबंधन और चालकों को दिए गए सख्त निर्देश निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रबंधक, प्रधानाचार्य एवं वाहन चालकों को निर्देशित किया गया कि सभी स्कूली वाहनों का संचालन केवल निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किया जाए। वाहन चालकों को विशेष रूप से तेज गति से वाहन न चलाने, नशे की अवस्था में वाहन संचालन से पूर्णतः बचने तथा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। 7 जुलाई तक दिया गया था दस्तावेज अद्यतन करने का अवसर परिवहन विभाग ने बताया कि विद्यालयों को 7 जुलाई तक अपने वाहनों के लंबित दस्तावेज एवं फिटनेस संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने का अवसर दिया गया था। इसके बाद अब अभियान के तहत सख्त प्रवर्तन कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विद्यालयों को अंतिम चेतावनी परिवहन विभाग ने जिले के सभी विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों से अपील की है कि बिना वैध फिटनेस, परमिट एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों वाले वाहनों का संचालन बिल्कुल न कराया जाए। यदि भविष्य में कोई स्कूल वाहन बच्चों का परिवहन करते हुए नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन की होगी। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदेश सरकार का "मिशन सेफ फ्यूचर" अभियान स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान की अवधि समाप्त होने तक प्रतिदिन विभिन्न विद्यालयों एवं मार्गों पर औचक निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि प्रत्येक छात्र सुरक्षित और मानकों के अनुरूप संचालित वाहनों से ही विद्यालय पहुंच सके। रिपोर्ट: बस्ती ब्यूरो | लाइव भारत समाचार
बुधवार, 8 जुलाई , 2026

मिशन सेफ फ्यूचर: बच्चों की सुरक्षा पर सख्ती, बस्ती में स्कूली वाहनों पर चला बड़ा अभियान

मिशन सेफ फ्यूचर: बच्चों की सुरक्षा पर सख्ती, बस्ती में स्कूली वाहनों पर चला बड़ा अभियान

6 स्कूल वाहनों का चालान, 2 वाहन जब्त; सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर परिवहन विभाग की कड़ी चेतावनी

बस्ती से विशेष रिपोर्ट | लाइव भारत समाचार

बस्ती 8 जुलाई। उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे “मिशन सेफ फ्यूचर” अभियान के तहत बस्ती जनपद में मंगलवार को व्यापक प्रवर्तन कार्रवाई की गई। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार 1 जुलाई से 15 जुलाई तक संचालित इस विशेष अभियान के अंतर्गत स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।

मंगलवार को संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने उर्मिला एजूकेशनल एकेडमी, बस्ती में संचालित स्कूली वाहनों का भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वाहनों की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा उपकरण, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट, स्पीड गवर्नर तथा अन्य सुरक्षा मानकों की भी जांच की गई।

अभियान का संचालन संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) फरीदउद्दीन एवं संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुरेश कुमार के निर्देशन में किया गया। कार्रवाई में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी माला बाजपेई तथा यात्री/मालकर अधिकारी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की संयुक्त टीम शामिल रही।

6 वाहनों का चालान, 2 वाहन किए गए निरुद्ध

प्रवर्तन अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 6 स्कूली वाहनों का चालान किया गया, जबकि थाना हर्रैया एवं थाना पैकोलिया क्षेत्र में एक-एक वाहन को निरुद्ध (सीज) किया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि जिन वाहनों के दस्तावेज अधूरे हैं अथवा सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

स्कूल प्रबंधन और चालकों को दिए गए सख्त निर्देश

निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रबंधक, प्रधानाचार्य एवं वाहन चालकों को निर्देशित किया गया कि सभी स्कूली वाहनों का संचालन केवल निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किया जाए। वाहन चालकों को विशेष रूप से तेज गति से वाहन न चलाने, नशे की अवस्था में वाहन संचालन से पूर्णतः बचने तथा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

7 जुलाई तक दिया गया था दस्तावेज अद्यतन करने का अवसर

परिवहन विभाग ने बताया कि विद्यालयों को 7 जुलाई तक अपने वाहनों के लंबित दस्तावेज एवं फिटनेस संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने का अवसर दिया गया था। इसके बाद अब अभियान के तहत सख्त प्रवर्तन कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

विद्यालयों को अंतिम चेतावनी

परिवहन विभाग ने जिले के सभी विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों से अपील की है कि बिना वैध फिटनेस, परमिट एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों वाले वाहनों का संचालन बिल्कुल न कराया जाए। यदि भविष्य में कोई स्कूल वाहन बच्चों का परिवहन करते हुए नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन की होगी।

बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

प्रदेश सरकार का “मिशन सेफ फ्यूचर” अभियान स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान की अवधि समाप्त होने तक प्रतिदिन विभिन्न विद्यालयों एवं मार्गों पर औचक निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि प्रत्येक छात्र सुरक्षित और मानकों के अनुरूप संचालित वाहनों से ही विद्यालय पहुंच सके।

रिपोर्ट: बस्ती ब्यूरो | लाइव भारत समाचार

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