लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है  

विवाह का झांसा, फर्जी दूल्हा-बाराती और फिर देह व्यापार: यूपी पुलिस ने मानव तस्करी के अंतरराज्यीय गिरोह का किया भंडाफोड़

अंबेडकरनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई; 7 आरोपी गिरफ्तार, अपहृत युवती सकुशल बरामद, राजस्थान-हरियाणा तक फैले नेटवर्क की जांच तेज लखनऊ/अंबेडकरनगर, 7 जुलाई। उत्तर प्रदेश में अपराध के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत अंबेडकरनगर पुलिस ने मानव तस्करी के एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सुनियोजित अभियान चलाकर गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है तथा उनके कब्जे से एक अपहृत युवती को सकुशल मुक्त कराया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय एवं अनाथ परिवारों की युवतियों को विवाह का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था और बाद में उन्हें राजस्थान एवं हरियाणा ले जाकर उनकी इच्छा के विरुद्ध देह व्यापार में धकेल देता था। पुलिस जांच के अनुसार गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। आरोपी पहले ऐसे परिवारों की पहचान करते थे, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती थी। इसके बाद परिवार को यह भरोसा दिलाया जाता था कि युवती का विवाह किसी संपन्न और प्रतिष्ठित परिवार में कराया जाएगा। विश्वास कायम होने के बाद गिरोह युवती के नाम बदलकर उसके फर्जी आधार कार्ड, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार करता था। फर्जी विवाह समारोह रचकर देते थे वारदात को अंजाम जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य स्वयं ही दूल्हा, बाराती और रिश्तेदार बनकर नकली विवाह समारोह आयोजित करते थे। पूरे आयोजन को इस प्रकार अंजाम दिया जाता था कि किसी स्थानीय व्यक्ति या परिजन को संदेह न हो। विवाह के बाद युवती की विधिवत विदाई कर उसे राजस्थान या हरियाणा ले जाया जाता था। यात्रा के दौरान गिरोह की महिला सदस्य युवती के साथ रहती थी, ताकि रास्ते में पुलिस जांच या पूछताछ होने पर यह लगे कि नवविवाहिता अपने ससुराल जा रही है। गंतव्य स्थान पर पहुंचने के बाद युवती को उसकी इच्छा के विरुद्ध देह व्यापार में धकेल दिया जाता था। उसकी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया जाता था और बाहरी दुनिया से उसका संपर्क लगभग समाप्त कर दिया जाता था। एक अपहृत युवती को सकुशल बचाया अंबेडकरनगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के दौरान एक अपहृत युवती को सकुशल बरामद किया गया। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी बरामद किए हैं। बरामद सामग्री के आधार पर गिरोह के नेटवर्क और उसके आर्थिक लेन-देन की जांच की जा रही है। राजस्थान और हरियाणा तक फैला नेटवर्क प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश से बाहर राजस्थान और हरियाणा तक फैला हुआ है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितनी युवतियां इस गिरोह का शिकार बनीं, किन राज्यों में उन्हें भेजा गया और इस पूरे रैकेट में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां संबंधित राज्यों की पुलिस से भी समन्वय स्थापित कर रही हैं। महिला सुरक्षा पर यूपी पुलिस का सख्त संदेश उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानव तस्करी, जबरन देह व्यापार और संगठित अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को कानून के दायरे में लाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि विवाह के नाम पर आने वाले संदिग्ध प्रस्तावों या ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। विशेष टिप्पणी मानव तस्करी आज देश के सबसे गंभीर संगठित अपराधों में से एक है। विवाह के नाम पर युवतियों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में बेचने वाले गिरोह समाज और कानून दोनों के लिए बड़ी चुनौती हैं। अंबेडकरनगर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक युवती के जीवन को बचाने में सफल रही है, बल्कि ऐसे संगठित अपराधियों के खिलाफ एक कड़ा संदेश भी देती है कि उत्तर प्रदेश में अपराध के लिए कोई स्थान नहीं है। रिपोर्ट विशेष संवाददाता अंबेडकर नगर|लाइव भारत समाचार 
मंगलवार, 7 जुलाई , 2026

विवाह का झांसा, फर्जी दूल्हा-बाराती और फिर देह व्यापार: यूपी पुलिस ने मानव तस्करी के अंतरराज्यीय गिरोह का किया भंडाफोड़

 

विवाह का झांसा, फर्जी दूल्हा-बाराती और फिर देह व्यापार: यूपी पुलिस ने मानव तस्करी के अंतरराज्यीय गिरोह का किया भंडाफोड़

अंबेडकरनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई; 7 आरोपी गिरफ्तार, अपहृत युवती सकुशल बरामद, राजस्थान-हरियाणा तक फैले नेटवर्क की जांच तेज

लखनऊ/अंबेडकरनगर, 7 जुलाई। उत्तर प्रदेश में अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अंबेडकरनगर पुलिस ने मानव तस्करी के एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सुनियोजित अभियान चलाकर गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है तथा उनके कब्जे से एक अपहृत युवती को सकुशल मुक्त कराया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय एवं अनाथ परिवारों की युवतियों को विवाह का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था और बाद में उन्हें राजस्थान एवं हरियाणा ले जाकर उनकी इच्छा के विरुद्ध देह व्यापार में धकेल देता था।

पुलिस जांच के अनुसार गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। आरोपी पहले ऐसे परिवारों की पहचान करते थे, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती थी। इसके बाद परिवार को यह भरोसा दिलाया जाता था कि युवती का विवाह किसी संपन्न और प्रतिष्ठित परिवार में कराया जाएगा। विश्वास कायम होने के बाद गिरोह युवती के नाम बदलकर उसके फर्जी आधार कार्ड, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार करता था।

फर्जी विवाह समारोह रचकर देते थे वारदात को अंजाम

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य स्वयं ही दूल्हा, बाराती और रिश्तेदार बनकर नकली विवाह समारोह आयोजित करते थे। पूरे आयोजन को इस प्रकार अंजाम दिया जाता था कि किसी स्थानीय व्यक्ति या परिजन को संदेह न हो। विवाह के बाद युवती की विधिवत विदाई कर उसे राजस्थान या हरियाणा ले जाया जाता था।

यात्रा के दौरान गिरोह की महिला सदस्य युवती के साथ रहती थी, ताकि रास्ते में पुलिस जांच या पूछताछ होने पर यह लगे कि नवविवाहिता अपने ससुराल जा रही है। गंतव्य स्थान पर पहुंचने के बाद युवती को उसकी इच्छा के विरुद्ध देह व्यापार में धकेल दिया जाता था। उसकी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया जाता था और बाहरी दुनिया से उसका संपर्क लगभग समाप्त कर दिया जाता था।

एक अपहृत युवती को सकुशल बचाया

अंबेडकरनगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के दौरान एक अपहृत युवती को सकुशल बरामद किया गया। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी बरामद किए हैं। बरामद सामग्री के आधार पर गिरोह के नेटवर्क और उसके आर्थिक लेन-देन की जांच की जा रही है।

राजस्थान और हरियाणा तक फैला नेटवर्क

प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश से बाहर राजस्थान और हरियाणा तक फैला हुआ है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितनी युवतियां इस गिरोह का शिकार बनीं, किन राज्यों में उन्हें भेजा गया और इस पूरे रैकेट में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां संबंधित राज्यों की पुलिस से भी समन्वय स्थापित कर रही हैं।

महिला सुरक्षा पर यूपी पुलिस का सख्त संदेश

उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानव तस्करी, जबरन देह व्यापार और संगठित अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को कानून के दायरे में लाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि विवाह के नाम पर आने वाले संदिग्ध प्रस्तावों या ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

विशेष टिप्पणी

मानव तस्करी आज देश के सबसे गंभीर संगठित अपराधों में से एक है। विवाह के नाम पर युवतियों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में बेचने वाले गिरोह समाज और कानून दोनों के लिए बड़ी चुनौती हैं। अंबेडकरनगर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक युवती के जीवन को बचाने में सफल रही है, बल्कि ऐसे संगठित अपराधियों के खिलाफ एक कड़ा संदेश भी देती है कि उत्तर प्रदेश में अपराध के लिए कोई स्थान नहीं है।

रिपोर्ट विशेष संवाददाता अंबेडकर नगर|लाइव भारत समाचार 

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *