लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है 'एक पेड़ माँ के नाम' से हरित क्रांति का शंखनाद: गोरखपुर से CM योगी ने किया 35 करोड़ पौधरोपण महाअभियान का शुभारंभ 'पवित्र त्रिवेणी' के पौधे रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, विकास वाटिका की स्थापना और वनाच्छादन अभियान से जुड़ी हस्तियों का सम्मान [video width="1280" height="720" mp4="https://livebharatsamachar.com/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260712-WA0001.mp4"][/video] गोरखपुर, 12 जुलाई। उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में रविवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से गोरखपुर स्थित शिवावतारी महायोगी गुरु गुरु गोरखनाथ की पावन तपोस्थली से 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 'पवित्र त्रिवेणी' के पौधों का रोपण कर प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण अभियान का विधिवत श्रीगणेश किया और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्ष केवल प्रकृति का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति और भविष्य के आधार हैं। उन्होंने संस्कृत का प्रसिद्ध श्लोक— "दशकूपसमा वापी दशवापीसमो ह्रदः। दशह्रदसमः पुत्रो दशपुत्रसमो द्रुमः॥" उद्धृत करते हुए कहा कि एक वृक्ष का महत्व दस पुत्रों के समान बताया गया है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को प्रकृति के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए कम से कम 'एक पेड़ माँ के नाम' अवश्य लगाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विकास वाटिका की स्थापना की, वन विभाग द्वारा तैयार वानिकी आधारित कैलेंडर का विमोचन किया तथा 'मौलश्री' का पौधा रोपकर 'हरित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को पौधे वितरित किए गए तथा वनाच्छादन अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करते हुए प्रोत्साहन स्वरूप चेक भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में सर्वाधिक वृक्षारोपण करने वाला राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है। सरकार का लक्ष्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों से अभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि माँ और धरती माँ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे सुंदर माध्यम वृक्षारोपण है। यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो उत्तर प्रदेश हरित, समृद्ध और पर्यावरणीय दृष्टि से अधिक सुरक्षित राज्य बन सकता है। "हरित उत्तर प्रदेश की ओर ऐतिहासिक कदम, जनभागीदारी से सजेगा 35 करोड़ पौधों का महाअभियान" रिपोर्ट ब्यूरो गोरखपुर|लाइव भारत समाचार 
रविवार, 12 जुलाई , 2026

गोरखपुर से हरित महायज्ञ का शंखनाद, CM योगी ने शुरू किया 35 करोड़ पौधरोपण अभियान

एक पेड़ माँ के नाम’ से हरित क्रांति का शंखनाद: गोरखपुर से CM योगी ने किया 35 करोड़ पौधरोपण महाअभियान का शुभारंभ

‘पवित्र त्रिवेणी’ के पौधे रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, विकास वाटिका की स्थापना और वनाच्छादन अभियान से जुड़ी हस्तियों का सम्मान

गोरखपुर, 12 जुलाई।

उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में रविवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से गोरखपुर स्थित शिवावतारी महायोगी गुरु गुरु गोरखनाथ की पावन तपोस्थली से ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘पवित्र त्रिवेणी’ के पौधों का रोपण कर प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण अभियान का विधिवत श्रीगणेश किया और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्ष केवल प्रकृति का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति और भविष्य के आधार हैं। उन्होंने संस्कृत का प्रसिद्ध श्लोक—

“दशकूपसमा वापी दशवापीसमो ह्रदः।

दशह्रदसमः पुत्रो दशपुत्रसमो द्रुमः॥”

उद्धृत करते हुए कहा कि एक वृक्ष का महत्व दस पुत्रों के समान बताया गया है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को प्रकृति के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए कम से कम ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अवश्य लगाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विकास वाटिका की स्थापना की, वन विभाग द्वारा तैयार वानिकी आधारित कैलेंडर का विमोचन किया तथा ‘मौलश्री’ का पौधा रोपकर ‘हरित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को पौधे वितरित किए गए तथा वनाच्छादन अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करते हुए प्रोत्साहन स्वरूप चेक भी प्रदान किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में सर्वाधिक वृक्षारोपण करने वाला राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है। सरकार का लक्ष्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों से अभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि माँ और धरती माँ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे सुंदर माध्यम वृक्षारोपण है। यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो उत्तर प्रदेश हरित, समृद्ध और पर्यावरणीय दृष्टि से अधिक सुरक्षित राज्य बन सकता है।

“हरित उत्तर प्रदेश की ओर ऐतिहासिक कदम, जनभागीदारी से सजेगा 35 करोड़ पौधों का महाअभियान”

रिपोर्ट ब्यूरो गोरखपुर|लाइव भारत समाचार 

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