देशभर में जश्न: छात्रों की मांगें मानी गईं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जगह-जगह निकले विजय जुलूस

बस्ती सहित देशभर में छात्रों और विपक्षी दलों ने मनाई जीत की खुशी, CJP ने छात्रों से घर लौटने की अपील
बस्ती/नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों की मांगें स्वीकार किए जाने के बाद देशभर में जश्न का माहौल देखने को मिला। विभिन्न राज्यों और शहरों में छात्रों, सामाजिक संगठनों तथा विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने विजय जुलूस निकालकर खुशी का इजहार किया। कई स्थानों पर मिठाइयां बांटी गईं, आतिशबाजी की गई और एक-दूसरे को बधाई दी गई।
बस्ती जनपद में भी इस घटनाक्रम को लेकर व्यापक उत्साह दिखाई दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने शहर में विजय जुलूस निकालकर लोकतांत्रिक संघर्ष की सफलता का संदेश दिया। जुलूस के दौरान सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए तथा छात्रों के संघर्ष को ऐतिहासिक बताया गया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता योगेंद्र श्रीवास्तव, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्ञानेंद्र पांडे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने शहर के प्रमुख मार्गों से विजय जुलूस निकाला। जुलूस में शामिल नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन की शक्ति एक बार फिर साबित हुई है और छात्रों की आवाज़ को आखिरकार स्वीकार करना पड़ा।
इस बीच काकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी छात्रों से आंदोलन समाप्त कर अपने-अपने घर लौटने की अपील की। पार्टी की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि छात्रों की प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद अब शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में सकारात्मक पहल का समय है। संगठन ने आंदोलन में शामिल सभी छात्रों, अभिभावकों और देशवासियों का आभार व्यक्त किया।
देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने इस घटनाक्रम को छात्रों की एक बड़ी लोकतांत्रिक जीत बताया। कई स्थानों पर छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने विजय रैलियां निकालकर इसे युवाओं की एकजुटता और जनदबाव की सफलता के रूप में प्रस्तुत किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम का प्रभाव राष्ट्रीय राजनीति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े भविष्य के निर्णयों पर भी पड़ सकता है। वहीं, देशभर में विजय जुलूसों और जश्न के बीच छात्रों और आम नागरिकों में उत्साह का माहौल बना हुआ है।
रिपोर्ट ब्यूरो बस्ती/दिल्ली|लाइव भारत समाचार