बेसहारा मानसिक रोगियों के पुनर्वास का संकल्प: बस्ती में बनेगा निःशुल्क मानसिक स्वास्थ्य आश्रय गृह

दीदी चैरिटेबल ट्रस्ट की पहल; इलाज, काउंसिलिंग, सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन और कौशल प्रशिक्षण की होगी व्यवस्था, समाज से सहयोग की अपील
बस्ती, 3 अगस्त | लाइव भारत समाचार
मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे बेसहारा एवं परित्यक्त लोगों के पुनर्वास की दिशा में उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद से एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल सामने आई है। दीदी चैरिटेबल ट्रस्ट ने ऐसे लोगों के लिए एक समर्पित मानसिक स्वास्थ्य आश्रय गृह स्थापित करने का संकल्प लिया है, जहां उन्हें निःशुल्क उपचार, सुरक्षित आवास, सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस संबंध में ट्रस्ट के कैंप कार्यालय, सिविल लाइंस, गांधीनगर (बस्ती) में आयोजित बैठक में संस्था के पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विस्तृत चर्चा की। बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज सिंह ने कहा कि मानसिक रूप से अस्वस्थ और बेसहारा लोगों की सेवा ही अब उनके जीवन का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अनेक मानसिक रोगियों को उनके अपने ही परिवार छोड़ देते हैं, जिसके कारण वे सड़कों पर असुरक्षित एवं अत्यंत दयनीय परिस्थितियों में जीवन बिताने को विवश हो जाते हैं।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट शहर के निकट उपयुक्त भूमि की तलाश करेगा, जहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त मानसिक स्वास्थ्य आश्रय गृह स्थापित किया जा सके। इस केंद्र में मनोरोग विशेषज्ञों की देखरेख में नियमित उपचार, मनोवैज्ञानिक परामर्श (काउंसिलिंग), दवा एवं पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, स्वस्थ होने वाले लोगों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का भी प्रयास किया जाएगा।
आश्रय गृह में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए सुरक्षित आवास, स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की निःशुल्क व्यवस्था करने की योजना है। ट्रस्ट का उद्देश्य केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इन लोगों को समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित करना भी होगा।
बैठक को संबोधित करते हुए मनोज सिंह ने चिकित्सकों, समाजसेवियों, उद्योगपतियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और प्रबुद्ध नागरिकों से इस मानवीय अभियान में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक भवन निर्माण की योजना नहीं, बल्कि उन लोगों के जीवन में नई आशा जगाने का प्रयास है जिन्हें समाज अक्सर उपेक्षित कर देता है।
बैठक में अवधेश सिंह, मनोज कुमार गुप्ता, आलोक कुमार, हरि ओम, बैजनाथ, सोहनलाल सोनकर सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को समाज के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
मुख्य बिंदु
मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं बेसहारा लोगों के लिए आश्रय गृह स्थापित करने का संकल्प।
शहर के निकट भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी।
मनोरोग विशेषज्ञों की देखरेख में निःशुल्क उपचार एवं काउंसिलिंग।
सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना।
स्वस्थ होने वाले लोगों के लिए कौशल विकास एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण।
समाज के विभिन्न वर्गों से सहयोग की अपील।
रिपोर्ट: बस्ती ब्यूरो, लाइव भारत समाचार