जनता की श्रद्धा के साथ विश्वासघात’ और ‘रामधन की चोरी’ के आरोपों को लेकर सांसदों ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली, 5 अगस्त। संसद के मानसून सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसदों ने संसद परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे और उससे जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक दान के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा जनता के विश्वास से जुड़े मामलों पर व्यापक चर्चा कराई जाए।

समाजवादी पार्टी के सांसदों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया तथा नारेबाजी करते हुए कहा कि धार्मिक संस्थानों में आने वाले दान और चढ़ावे के प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। पार्टी नेताओं का कहना था कि यह केवल आर्थिक नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास का विषय है।

प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने केंद्र सरकार से मांग की कि धार्मिक स्थलों पर प्राप्त चढ़ावे, उसकी सुरक्षा, लेखा-जोखा और उपयोग को लेकर स्पष्ट व्यवस्था लागू की जाए तथा यदि कहीं अनियमितता या चोरी की घटनाएं हुई हैं तो उनकी निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।

समाजवादी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि जनता की धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उनका कहना था कि श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ दान करते हैं और ऐसे धन की सुरक्षा तथा पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है।

उधर, संसद परिसर में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले। विपक्ष ने इस विषय पर संसद के भीतर विस्तृत चर्चा की मांग की, जबकि सरकार की ओर से औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धार्मिक आस्था, चढ़ावे के प्रबंधन और पारदर्शिता का मुद्दा आने वाले दिनों में संसद और राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बन सकता है। यदि इस विषय पर विस्तृत बहस होती है तो धार्मिक संस्थानों के प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कई पहलुओं पर भी विमर्श संभव है।
रिपोर्ट ब्यूरो नई दिल्ली|लाइव भारत समाचार