लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है मिशन सेफ फ्यूचर: अनफिट स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग का शिकंजा बस्ती, 13 अगस्त। लाइव भारत समाचार। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने विद्यालयी परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाने के लिए ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान के तहत अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश आशुतोष निरंजन के निर्देशों के अनुपालन में यह अभियान 11 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक चलाया जाएगा। अभियान के दौरान स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ वाहन चालकों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया जा रहा है। परिवहन विभाग ने विद्यालय प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि मानकों को पूरा नहीं करने वाले वाहनों का संचालन बच्चों के आवागमन के लिए न किया जाए। अनफिट वाहन मिलने पर विद्यालय ‘लाल सूची’ में परिवहन विभाग के अनुसार जिन विद्यालयों में संचालित कोई भी स्कूली वाहन अनफिट पाया गया है, ऐसे विद्यालयों को ‘लाल सूची’ में शामिल किया जा रहा है। बार-बार नोटिस दिए जाने और संपर्क स्थापित किए जाने के बावजूद जिन विद्यालयों ने अपने वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र एवं परमिट प्राप्त नहीं किया है, उनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-53 के तहत पंजीयन निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी वाहन का पंजीयन लगातार छह माह तक निलंबित रहता है तो उसके पंजीयन के निरस्तीकरण की कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। नशे में वाहन चलाने वाले चालकों पर भी होगी कार्रवाई अभियान के तहत स्कूली वाहनों के चालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण भी कराया जाएगा। वाहन चलाते समय चालक के नशे की हालत में पाए जाने पर उसके ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग का उद्देश्य केवल वाहनों की तकनीकी फिटनेस सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि बच्चों को विद्यालय से घर तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए चालक की शारीरिक एवं मानसिक क्षमता की भी जांच करना है। 15 वर्ष पुराने वाहनों पर सख्ती विद्यालयों में संचालित ऐसे वाहन, जो निर्धारित 15 वर्ष की आयु सीमा पूरी कर चुके हैं, यदि बच्चों के आवागमन में प्रयोग होते पाए गए तो संबंधित स्कूल के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित विद्यालय की मान्यता निरस्त करने के लिए सक्षम अधिकारियों को पत्र भेजने की कार्रवाई भी की जा सकती है। तीन स्कूली वाहनों पर कार्रवाई बस्ती जनपद में अभियान के शुरुआती तीन दिनों में ही परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। 11 अगस्त से 13 अगस्त 2026 तक आवश्यक प्रपत्र पूर्ण न पाए जाने पर कुल तीन स्कूली वाहनों के विरुद्ध चालान/निरुद्ध करने की कार्रवाई की गई है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद विद्यालय प्रबंधन में भी हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यालय प्रबंधन को दी गई स्पष्ट चेतावनी परिवहन विभाग ने जनपद के सभी विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों से अपील की है कि विद्यालय में संचालित प्रत्येक वाहन के सभी आवश्यक प्रपत्र पूर्ण कराए जाएं और फिटनेस, परमिट सहित निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद ही बच्चों के आवागमन के लिए वाहन संचालित किए जाएं। अधिकारियों ने चेताया है कि दस्तावेज अधूरे होने अथवा वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप न पाए जाने पर नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन की होगी। बच्चों की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान को स्कूली बच्चों की सड़क सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। परिवहन विभाग की सख्ती का उद्देश्य ऐसे वाहनों को सड़क से हटाना है, जिनसे बच्चों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। आगामी 25 अगस्त तक चलने वाले अभियान में जांच और कार्रवाई का दायरा और बढ़ने की संभावना है। रिपोर्ट : बस्ती ब्यूरो | लाइव भारत समाचार
गुरूवार, 13 अगस्त , 2026

मिशन सेफ फ्यूचर: अनफिट स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग का शिकंजा

मिशन सेफ फ्यूचर: अनफिट स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग का शिकंजा

बस्ती, 13 अगस्त। लाइव भारत समाचार। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने विद्यालयी परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाने के लिए ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान के तहत अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश आशुतोष निरंजन के निर्देशों के अनुपालन में यह अभियान 11 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक चलाया जाएगा।


अभियान के दौरान स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ वाहन चालकों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया जा रहा है। परिवहन विभाग ने विद्यालय प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि मानकों को पूरा नहीं करने वाले वाहनों का संचालन बच्चों के आवागमन के लिए न किया जाए।


अनफिट वाहन मिलने पर विद्यालय ‘लाल सूची’ में

परिवहन विभाग के अनुसार जिन विद्यालयों में संचालित कोई भी स्कूली वाहन अनफिट पाया गया है, ऐसे विद्यालयों को ‘लाल सूची’ में शामिल किया जा रहा है। बार-बार नोटिस दिए जाने और संपर्क स्थापित किए जाने के बावजूद जिन विद्यालयों ने अपने वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र एवं परमिट प्राप्त नहीं किया है, उनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-53 के तहत पंजीयन निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी वाहन का पंजीयन लगातार छह माह तक निलंबित रहता है तो उसके पंजीयन के निरस्तीकरण की कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है।
नशे में वाहन चलाने वाले चालकों पर भी होगी कार्रवाई
अभियान के तहत स्कूली वाहनों के चालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण भी कराया जाएगा। वाहन चलाते समय चालक के नशे की हालत में पाए जाने पर उसके ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग का उद्देश्य केवल वाहनों की तकनीकी फिटनेस सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि बच्चों को विद्यालय से घर तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए चालक की शारीरिक एवं मानसिक क्षमता की भी जांच करना है।

15 वर्ष पुराने वाहनों पर सख्ती

विद्यालयों में संचालित ऐसे वाहन, जो निर्धारित 15 वर्ष की आयु सीमा पूरी कर चुके हैं, यदि बच्चों के आवागमन में प्रयोग होते पाए गए तो संबंधित स्कूल के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित विद्यालय की मान्यता निरस्त करने के लिए सक्षम अधिकारियों को पत्र भेजने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

तीन स्कूली वाहनों पर कार्रवाई

बस्ती जनपद में अभियान के शुरुआती तीन दिनों में ही परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। 11 अगस्त से 13 अगस्त 2026 तक आवश्यक प्रपत्र पूर्ण न पाए जाने पर कुल तीन स्कूली वाहनों के विरुद्ध चालान/निरुद्ध करने की कार्रवाई की गई है।

विभाग की इस कार्रवाई के बाद विद्यालय प्रबंधन में भी हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विद्यालय प्रबंधन को दी गई स्पष्ट चेतावनी

परिवहन विभाग ने जनपद के सभी विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों से अपील की है कि विद्यालय में संचालित प्रत्येक वाहन के सभी आवश्यक प्रपत्र पूर्ण कराए जाएं और फिटनेस, परमिट सहित निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद ही बच्चों के आवागमन के लिए वाहन संचालित किए जाएं।

अधिकारियों ने चेताया है कि दस्तावेज अधूरे होने अथवा वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप न पाए जाने पर नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन की होगी।

बच्चों की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं

‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान को स्कूली बच्चों की सड़क सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। परिवहन विभाग की सख्ती का उद्देश्य ऐसे वाहनों को सड़क से हटाना है, जिनसे बच्चों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। आगामी 25 अगस्त तक चलने वाले अभियान में जांच और कार्रवाई का दायरा और बढ़ने की संभावना है।

रिपोर्ट : बस्ती ब्यूरो | लाइव भारत समाचार

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