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livebharatsamachar.com ब्यूरो: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस ने मानव तस्करी और देह व्यापार के खिलाफ चलाए जा रहे अपने विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले पांच महीनों के भीतर पुलिस ने विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर 100 महिलाओं और युवतियों को देह व्यापार के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला है। इस कार्रवाई ने जिले में सक्रिय दलालों और गिरोहों की कमर तोड़ दी है।

ऑपरेशन 'सुरक्षा' का असर

पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए गए इस सघन अभियान का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं को बचाना था, जिन्हें बहला-फुसलाकर या डरा-धमकाकर गलत धंधों में धकेला गया था। जशपुर के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गुप्त सूचनाओं के आधार पर शहर के बाहरी इलाकों और संदिग्ध होटलों में लगातार दबिश दी गई। इस दौरान कई ऐसे गिरोहों का पर्दाफाश हुआ है जो अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय थे।

क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी

पुलिस की प्राथमिकता केवल आरोपियों को पकड़ना नहीं, बल्कि पीड़ित महिलाओं का पुनर्वास सुनिश्चित करना भी है। हमने महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय कर इन महिलाओं को सुरक्षित आश्रय गृहों में भेजने की व्यवस्था की है।

अभियान की मुख्य बातें

आगे की रणनीति

पुलिस अब उन लोगों की तलाश में जुटी है जो इन महिलाओं को झांसा देकर दूसरे राज्यों से यहां लाते थे। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास संदिग्ध गतिविधियां नजर आएं, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस कार्रवाई के बाद से जिले में अवैध धंधों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

सोमवार, 7 सितम्बर , 2026

जशपुर में देह व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 5 महीनों में 100 महिलाओं को कराया गया मुक्त

livebharatsamachar.com ब्यूरो: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस ने मानव तस्करी और देह व्यापार के खिलाफ चलाए जा रहे अपने विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले पांच महीनों के भीतर पुलिस ने विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर 100 महिलाओं और युवतियों को देह व्यापार के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला है। इस कार्रवाई ने जिले में सक्रिय दलालों और गिरोहों की कमर तोड़ दी है।

ऑपरेशन ‘सुरक्षा’ का असर

पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए गए इस सघन अभियान का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं को बचाना था, जिन्हें बहला-फुसलाकर या डरा-धमकाकर गलत धंधों में धकेला गया था। जशपुर के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गुप्त सूचनाओं के आधार पर शहर के बाहरी इलाकों और संदिग्ध होटलों में लगातार दबिश दी गई। इस दौरान कई ऐसे गिरोहों का पर्दाफाश हुआ है जो अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय थे।

क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी

पुलिस की प्राथमिकता केवल आरोपियों को पकड़ना नहीं, बल्कि पीड़ित महिलाओं का पुनर्वास सुनिश्चित करना भी है। हमने महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय कर इन महिलाओं को सुरक्षित आश्रय गृहों में भेजने की व्यवस्था की है।

अभियान की मुख्य बातें

  • पिछले पांच महीनों में कुल 100 महिलाओं को मुक्त कराया गया।
  • छापेमारी के दौरान मानव तस्करी में शामिल कई मुख्य दलालों को गिरफ्तार किया गया है।
  • मुक्त कराई गई महिलाओं की काउंसलिंग के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है।
  • जिले के सभी संदिग्ध होटलों और लॉज की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं।

आगे की रणनीति

पुलिस अब उन लोगों की तलाश में जुटी है जो इन महिलाओं को झांसा देकर दूसरे राज्यों से यहां लाते थे। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास संदिग्ध गतिविधियां नजर आएं, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस कार्रवाई के बाद से जिले में अवैध धंधों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

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