हेडलाइन: फर्जी इंस्टाग्राम ID से 18 हजार की ठगी, महुली पुलिस ने 10 दिन में कराई रकम वापस; साइबर हेल्पलाइन 1930 बनी मददगार
सब-हेड: रिश्तेदार की फोटो लगाकर ठगों ने महिला से मांगे पैसे, SSP के ‘क्रैक साइबर क्राइम अभियान’ में मिली सफलता
संत कबीर नगर, 10 सितंबर। लाइव भारत समाचार
उत्तर प्रदेश में साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच संत कबीर नगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। महुली थाना पुलिस और साइबर हेल्प टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर की गई ठगी की पूरी रकम पीड़िता को वापस करा दी है।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चल रहे “क्रैक साइबर क्राइम अभियान” के तहत यह कार्रवाई की गई।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता विमला देवी (पत्नी स्व. निर्मल चौरसिया), निवासी अलीनगर, थाना महुली ने पुलिस को बताया कि 31 अगस्त को साइबर ठगों ने उनके एक करीबी रिश्तेदार की फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई। इसके बाद मैसेज कर इमरजेंसी का हवाला देकर पैसों की मांग की गई।
परिजन समझकर विमला देवी ने ठगों द्वारा बताए गए बैंक खाते में 18,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का अहसास होने पर उन्होंने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पांडेय ने त्वरित संज्ञान लिया और साइबर सेल प्रभारी अनुज कुमार यादव के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम ने बैंक से समन्वय स्थापित कर तकनीकी ट्रेसिंग के जरिए ठग के खाते को होल्ड करा दिया।
पुलिस के अथक प्रयास के बाद 10 सितंबर को ठगी की पूरी धनराशि 18,000 रुपये पीड़िता के खाते में वापस करा दी गई। अपना पैसा वापस पाकर पीड़िता भावुक हो गईं और पुलिस टीम को धन्यवाद दिया।
कार्रवाई में शामिल टीम:
थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार पांडेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव, मनोज यादव एवं महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी।
पुलिस की अपील:
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, लॉटरी, या सोशल मीडिया पर रिश्तेदार के नाम से रुपये मांगने वाले मैसेज पर बिना फोन पर बात कर पुष्टि किए कोई भी लेन-देन न करें। किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें।
रिपोर्ट लाइव भारत समाचार
