Livebharatsamachar ब्यूरो: बीकानेर में मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI), CID-CB और कोटगेट थाना पुलिस की एक संयुक्त कार्रवाई ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। सुरक्षा एजेंसियों ने एक बेहद दुर्लभ और बेशकीमती माने जाने वाले पदार्थ ‘एम्बरग्रीस’ (Ambergris) की तस्करी के प्रयास को नाकाम करते हुए करीब 650 ग्राम संदिग्ध सामग्री बरामद की है। इस बरामदगी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 65 लाख रुपये आंकी गई है।
संयुक्त ऑपरेशन और कार्रवाई का विवरण
खुफिया इनपुट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में सुरक्षा एजेंसियों ने तीन संदिग्धों को पकड़ा है, जिनमें दो नाबालिग शामिल हैं। नाबालिग होने के कारण उनकी पहचान गोपनीय रखी गई है। पकड़े गए तीसरे आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि इस अवैध कारोबार के मुख्य सूत्रधारों तक पहुंचा जा सके।
प्रारंभिक जांच में मुंबई और उत्तर प्रदेश से जुड़े संपर्कों के संकेत मिले हैं, जिसके बाद जांच का दायरा राजस्थान से बाहर अन्य राज्यों तक फैलने की संभावना है।
एम्बरग्रीस क्या है और क्यों है इतना कीमती?
एम्बरग्रीस, जिसे अक्सर ‘व्हेल की उल्टी’ के नाम से जाना जाता है, स्पर्म व्हेल के पाचन तंत्र से निकलने वाला एक दुर्लभ मोमी पदार्थ है। इसकी मांग मुख्य रूप से महंगे परफ्यूम उद्योग में होती है, क्योंकि यह खुशबू को लंबे समय तक बरकरार रखने में मदद करता है।
- दुर्लभता: यह समुद्र में तैरते हुए मिलने वाला एक प्राकृतिक पदार्थ है।
- कानूनी स्थिति: स्पर्म व्हेल भारत में संरक्षित वन्यजीवों की सूची में है, इसलिए इसके किसी भी उत्पाद का व्यापार वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत गंभीर अपराध है।
- वैज्ञानिक परीक्षण: बरामद पदार्थ की प्रामाणिकता की पुष्टि के लिए उसे फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
जांच की दिशा और चुनौतियां
बीकानेर जैसे समुद्र से दूर स्थित शहर में इस पदार्थ का पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सवाल है। पुलिस अब इन बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है:
मुख्य जांच के बिंदु
- स्रोत का पता लगाना: यह पदार्थ तटीय क्षेत्रों से बीकानेर तक किस माध्यम से पहुंचा?
- डिजिटल साक्ष्य: आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल की जा रही है।
- नेटवर्क का खुलासा: क्या यह किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा है या केवल एक छिटपुट सौदा?
- खरीदार की पहचान: इस माल को अंतिम रूप से किसे डिलीवर किया जाना था?
फिलहाल, बरामद सामग्री को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कानूनी धाराओं का स्पष्ट निर्धारण हो सकेगा। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को वन्यजीव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क के तौर पर देख रही हैं और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां होने की प्रबल संभावना है।