Livebharatsamachar ब्यूरो: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। इस बार मुद्दा यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन पर संभावित शुल्क लगाने की चर्चा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अमेरिका और बड़ी कंपनियों के दबाव में आकर देश के आम नागरिकों के हितों से समझौता किया है।
डिजिटल इंडिया पर सवाल
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की डिजिटल इंडिया की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस यूपीआई को देश की बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा था, अब उस पर शुल्क लगाकर आम आदमी की जेब पर डाका डालने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने इसे सरकार की ‘आत्मसमर्पण’ की नीति करार दिया है।
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा, ‘यूपीआई पर शुल्क लगाने का विचार यह दर्शाता है कि सरकार आम जनता की सुविधा के बजाय विदेशी कंपनियों और कॉर्पोरेट घरानों के मुनाफे को प्राथमिकता दे रही है। यह मोदी सरकार का अमेरिका के सामने एक और घुटने टेकने जैसा कदम है।’
विपक्ष का कड़ा रुख
विपक्ष का आरोप है कि सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के नाम पर पहले लोगों को इसकी आदत डालती है और फिर धीरे-धीरे उस पर शुल्क लगाकर राजस्व वसूलने की रणनीति अपनाती है। राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।
मुख्य बिंदु:
- यूपीआई ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाने की चर्चा से आम जनता में चिंता।
- राहुल गांधी ने इसे विदेशी दबाव का नतीजा बताया।
- सरकार की डिजिटल भुगतान नीति पर विपक्ष का कड़ा प्रहार।
- आम नागरिकों के लिए मुफ्त डिजिटल लेनदेन की सुविधा पर खतरा।
फिलहाल, सरकार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राहुल गांधी के इस बयान ने आगामी दिनों में संसद के भीतर और बाहर बड़े हंगामे के संकेत दे दिए हैं।