Livebharatsamachar ब्यूरो: हिंदी सिनेमा के स्वर्ण युग के दिग्गज संगीतकार आनंदजी वीरजी शाह ने सुपरस्टार राजेश खन्ना के करियर के उतार-चढ़ाव और उनके व्यक्तिगत व्यवहार को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। आनंदजी ने याद किया कि कैसे ‘काका’ के नाम से मशहूर राजेश खन्ना सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद अपने बर्ताव में बदलाव लाने लगे थे, जिसने अंततः उनके करियर को प्रभावित किया।
सफलता और अहंकार का मेल
आनंदजी ने एक साक्षात्कार में बताया कि राजेश खन्ना के साथ काम करने का अनुभव शुरुआत में काफी सुखद था, लेकिन जैसे-जैसे उनकी लोकप्रियता बढ़ी, उनका स्वभाव बदलने लगा। संगीतकार के अनुसार, राजेश खन्ना को शराब की लत लग गई थी और वे अक्सर सेट पर नखरे दिखाने लगे थे। उन्होंने कहा कि सफलता ने उनके व्यक्तित्व पर गहरा असर डाला था, जिससे वे जमीन से कटने लगे थे।
अमिताभ बच्चन से तुलना
राजेश खन्ना के व्यवहार की तुलना करते हुए आनंदजी ने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का उदाहरण दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैसे अमिताभ बच्चन ने अपनी अपार सफलता के बावजूद हमेशा विनम्रता बनाए रखी।
अमिताभ बच्चन ने कभी भी सफलता को अपने सिर पर नहीं चढ़ने दिया। वे आज भी उतने ही अनुशासित और जमीन से जुड़े हैं, जितने अपने करियर की शुरुआत में थे। यही कारण है कि वे इतने लंबे समय तक शीर्ष पर बने रहे।
करियर के पतन की मुख्य वजह
आनंदजी का मानना है कि राजेश खन्ना के करियर का ग्राफ नीचे गिरने के पीछे सबसे बड़ा कारण उनका बदलता हुआ व्यवहार था। उन्होंने कहा कि जब कोई कलाकार अपनी विनम्रता खो देता है, तो उसका पतन निश्चित हो जाता है। राजेश खन्ना के मामले में, उनके नखरे और शराब की लत ने उनके पेशेवर जीवन में कई बाधाएं खड़ी कर दी थीं।
मुख्य बिंदु:
- राजेश खन्ना की सफलता के बाद उनके व्यवहार में नकारात्मक बदलाव आए।
- शराब की लत और सेट पर नखरे दिखाना उनके करियर के लिए घातक साबित हुआ।
- अमिताभ बच्चन की विनम्रता और अनुशासन को आज भी एक मिसाल माना जाता है।
- आनंदजी के अनुसार, विनम्रता ही किसी कलाकार की लंबी उम्र की कुंजी है।