Livebharatsamachar ब्यूरो: हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शुक्रवार को गुरुग्राम में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया। आयोग की चेयरपर्सन ने शहर के विभिन्न संवेदनशील स्थानों का दौरा किया और जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पॉक्सो (POCSO) एक्ट के अनुपालन और असुरक्षित वातावरण में रह रहे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
स्कूलों में पॉक्सो जागरूकता पर जोर
निरीक्षण के दौरान आयोग की टीम ने स्थानीय स्कूलों का दौरा किया। यहाँ स्कूल प्रबंधन के साथ एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। चेयरपर्सन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों का सख्ती से पालन होना चाहिए। उन्होंने स्कूल प्रशासन को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और स्टाफ के पुलिस वेरिफिकेशन को लेकर भी कड़े निर्देश दिए।
रेलवे स्टेशन और भोंडसी जेल का जायजा
आयोग की टीम ने गुरुग्राम रेलवे स्टेशन का भी दौरा किया, जहाँ अक्सर लावारिस या भटके हुए बच्चे देखे जाते हैं। यहाँ बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और उनके पुनर्वास के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। इसके बाद, टीम ने भोंडसी जेल का रुख किया। यहाँ उन बच्चों की स्थिति का आकलन किया गया जो अपनी माताओं के साथ जेल में रहने को मजबूर हैं।
बाल सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्चा सुरक्षित वातावरण में पले-बढ़े, चाहे वह स्कूल में हो या किसी अन्य सरकारी संस्थान में।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु
- स्कूलों में पॉक्सो एक्ट के तहत सुरक्षा प्रोटोकॉल की जांच।
- रेलवे स्टेशन पर बच्चों के लिए हेल्प डेस्क और सुरक्षा सुविधाओं का आकलन।
- भोंडसी जेल में माताओं के साथ रह रहे बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति की समीक्षा।
- संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा खामियों को तुरंत दूर करने के निर्देश।
आयोग की चेयरपर्सन ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि बाल अधिकारों का हनन न हो और बच्चों के लिए एक सुरक्षित भविष्य की नींव रखी जा सके।