Livebharatsamachar ब्यूरो: दिल्ली के एक प्रतिष्ठित एग्जीक्यूटिव युवराज सिंह मनचंदा की मौत का मामला अब सुलझता नजर आ रहा है। गुरुग्राम में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे एनसीआर को हिलाकर रख दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि युवराज की जिंदगी के आखिरी कुछ घंटे बेहद सामान्य थे, लेकिन एक पूर्व सहकर्मी से हुई मुलाकात उनके लिए काल बन गई।
शॉपिंग से मुलाकात तक का सफर
जांच अधिकारियों के अनुसार, युवराज अपनी दिनचर्या के तहत घर से निकले थे। वे शॉपिंग के लिए गए थे और सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन इसके बाद उन्होंने एक पूर्व सहकर्मी से मिलने का फैसला किया। पुलिस का मानना है कि यही वह मोड़ था जहां से स्थिति बिगड़ी। इस मुलाकात के बाद युवराज का कोई अता-पता नहीं चला और उनके परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
नाली में मिला शव और गिरफ्तारी
कई दिनों की तलाश के बाद युवराज का शव गुरुग्राम की एक नाली से बरामद किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक जोड़े को हिरासत में लिया है, जिन पर हत्या का आरोप है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी और मृतक के बीच पुराने वित्तीय विवाद चल रहे थे, जो इस जघन्य अपराध की मुख्य वजह माने जा रहे हैं।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, ‘आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। शुरुआती जांच में पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद की बात सामने आई है, जिसकी गहनता से तफ्तीश की जा रही है।’
मामले के मुख्य बिंदु
- युवराज मनचंदा दिल्ली के एक नामी एग्जीक्यूटिव थे।
- पूर्व सहकर्मी से मुलाकात के बाद वे रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे।
- आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए शव को नाली में फेंक दिया था।
- पुलिस ने संदिग्ध जोड़े को गिरफ्तार कर लिया है।
- वित्तीय विवाद को हत्या का प्राथमिक कारण माना जा रहा है।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के लिए फॉरेंसिक रिपोर्ट और कॉल डिटेल्स का विश्लेषण कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर कॉर्पोरेट जगत के रिश्तों और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।