Livebharatsamachar ब्यूरो: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) जम्मू एक बार फिर विवादों के घेरे में है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संस्थान पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शामिल न होने वाले छात्रों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस दावे के बाद शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक आयोजनों की अनिवार्यता को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।
क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर इस कथित नोटिस की एक प्रति साझा की है। आरोप है कि संस्थान प्रशासन ने छात्रों को अनिवार्य रूप से कार्यक्रम में उपस्थित रहने का निर्देश दिया था। नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि जो छात्र इस कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगे, उन्हें आर्थिक दंड का सामना करना पड़ेगा।
छात्रों को शिक्षा के मंदिर में ज्ञान अर्जन के लिए भेजा जाता है, न कि किसी राजनीतिक कार्यक्रम की अनिवार्य उपस्थिति के लिए। IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का इस तरह का फरमान न केवल हास्यास्पद है, बल्कि यह शैक्षणिक स्वतंत्रता का भी हनन है।
विपक्ष का हमला और संस्थान की चुप्पी
इस घटना के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों का राजनीतिकरण किया जा रहा है। हालांकि, IIM जम्मू प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।
प्रमुख बिंदु:
- कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर वायरल नोटिस को लेकर सरकार को घेरा।
- आरोप है कि पीएम मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थिति अनिवार्य थी।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाने की बात कही गई है।
- शिक्षाविदों ने इस कदम को छात्रों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के खिलाफ बताया है।
फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और छात्र समुदाय में इसे लेकर काफी रोष देखा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि क्या संस्थान प्रशासन इस पर कोई सफाई देता है या यह विवाद और तूल पकड़ता है।