Livebharatsamachar ब्यूरो: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डबास ने पदभार संभालते ही अपने एजेंडे को स्पष्ट कर दिया है। डबास ने घोषणा की है कि उनकी पहली प्राथमिकता विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी हॉस्टलों और निजी पीजी (PG) की सुरक्षा का व्यापक ऑडिट करना है। हाल के दिनों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर उठते सवालों के बीच यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर फोकस
यश डबास ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही एक टीम गठित करेंगे जो दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों के हॉस्टलों और छात्रों द्वारा उपयोग किए जाने वाले पीजी का निरीक्षण करेगी। इस ऑडिट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी आवासीय परिसरों में अग्नि सुरक्षा, स्वच्छता और बुनियादी ढांचा मानकों के अनुरूप हो।
छात्रों की सुरक्षा मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हॉस्टलों और पीजी में रहने वाले हमारे साथियों को सुरक्षित वातावरण मिले, इसके लिए हम प्रशासन के साथ मिलकर सख्त कदम उठाएंगे। – यश डबास, अध्यक्ष, DUSU
न्याय की मांग और छात्र एकता
वहीं, DUSU के नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन ने भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। शौकीन ने हाल ही में हुई बिल्डिंग ढहने की घटनाओं में प्रभावित हुए छात्रों के लिए न्याय की मांग को अपना मुख्य मुद्दा बनाया है। उन्होंने कहा कि वे पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाएंगे।
प्रमुख बिंदु:
- यश डबास ने हॉस्टल और पीजी की सुरक्षा ऑडिट को अपनी पहली प्राथमिकता बताया है।
- ABVP ने DUSU के चार केंद्रीय पैनल पदों में से तीन पर जीत हासिल की है।
- उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन ने हालिया बिल्डिंग हादसों के पीड़ितों के लिए न्याय की आवाज बुलंद की है।
- छात्र संघ का जोर कैंपस में बेहतर सुविधाओं और सुरक्षा मानकों को लागू करने पर है।
गौरतलब है कि ABVP की इस जीत ने कैंपस राजनीति में अपनी पकड़ को और मजबूत किया है। अब देखना यह होगा कि नवनिर्वाचित पैनल अपने चुनावी वादों को धरातल पर उतारने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ किस तरह का तालमेल बिठाता है।