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Livebharatsamachar ब्यूरो: चुनाव आयोग ने देश के विभिन्न राज्यों में रिक्त हो रही राज्यसभा की 12 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में होने वाले इन चुनावों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। इन सीटों पर होने वाला मतदान आगामी दिनों में संसद के उच्च सदन में शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

चुनाव का पूरा कार्यक्रम

आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इन सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। सभी राज्यों में मतदान और मतगणना की प्रक्रिया एक ही दिन संपन्न कराई जाएगी, ताकि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन शुरू कर दिया है।

किन राज्यों पर है नजर?

सबसे अधिक चर्चा उत्तर प्रदेश की सीटों को लेकर है, जहां संख्या बल के आधार पर राजनीतिक समीकरण काफी महत्वपूर्ण हो गए हैं। इसके अलावा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की सीटों पर भी प्रमुख दलों की पैनी नजर है।

चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य बिंदु

आगामी राज्यसभा चुनाव न केवल विधायी कार्यों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह राज्यों में राजनीतिक दलों की जमीनी पकड़ को भी दर्शाएंगे। सभी दलों ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में सियासी सरगर्मी और बढ़ने की संभावना है।

मंगलवार, 22 सितम्बर , 2026

राज्यसभा की 12 सीटों पर चुनाव का ऐलान: यूपी, उत्तराखंड और बंगाल में सियासी हलचल तेज

Livebharatsamachar ब्यूरो: चुनाव आयोग ने देश के विभिन्न राज्यों में रिक्त हो रही राज्यसभा की 12 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में होने वाले इन चुनावों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। इन सीटों पर होने वाला मतदान आगामी दिनों में संसद के उच्च सदन में शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

चुनाव का पूरा कार्यक्रम

आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इन सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। सभी राज्यों में मतदान और मतगणना की प्रक्रिया एक ही दिन संपन्न कराई जाएगी, ताकि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन शुरू कर दिया है।

किन राज्यों पर है नजर?

सबसे अधिक चर्चा उत्तर प्रदेश की सीटों को लेकर है, जहां संख्या बल के आधार पर राजनीतिक समीकरण काफी महत्वपूर्ण हो गए हैं। इसके अलावा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की सीटों पर भी प्रमुख दलों की पैनी नजर है।

चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य बिंदु

  • उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित कुल 12 सीटों पर चुनाव।
  • नामांकन से लेकर मतगणना तक की तारीखें तय।
  • संसद के उच्च सदन में राजनीतिक दलों के लिए अपनी संख्या बढ़ाने का अवसर।
  • आचार संहिता के नियमों का पालन अनिवार्य होगा।

आगामी राज्यसभा चुनाव न केवल विधायी कार्यों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह राज्यों में राजनीतिक दलों की जमीनी पकड़ को भी दर्शाएंगे। सभी दलों ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में सियासी सरगर्मी और बढ़ने की संभावना है।

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