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बस्ती जिला अस्पताल में गंभीर अनियमितताओं का आरोप, सत्येन्द्र सिंह ‘भोलू’ ने जिलाधिकारी से कराई जांच की मांग

बस्ती, 22 सितंबर : लाइव भारत समाचार

बस्ती जिला चिकित्सालय की कार्यप्रणाली और संसाधनों के दुरुपयोग को लेकर एक गंभीर शिकायत सामने आई है। सामाजिक कार्यकर्ता सत्येन्द्र सिंह ‘भोलू’ ने जिलाधिकारी बस्ती को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस शिकायत की प्रतिलिपि प्रदेश के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री को भी प्रेषित की गई है।

सत्येन्द्र सिंह द्वारा दिये गये शिकायती पत्र में कई बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं, जो सीधे तौर पर आम मरीजों और मेडिकल छात्रों से जुड़े हुए हैं।

1. सरकारी दवाओं में भेदभाव का आरोप:
शिकायत में कहा गया है कि शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही कई सरकारी दवाएं जो कैली अस्पताल में मरीजों को आसानी से मिल रही हैं, वही दवाएं जिला चिकित्सालय बस्ती में मरीजों को नहीं दी जा रही हैं। इससे गरीब मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। उन्होंने मांग की है कि दोनों अस्पतालों के दवा स्टॉक और वितरण रजिस्टर की तुलना कर जांच की जाए।

2. इंटर्नशिप छात्रों से 5000 रुपये वसूली का सनसनीखेज आरोप:
सबसे गंभीर आरोप इंटर्नशिप कर रहे छात्रों को लेकर है। पत्र में उल्लेख है कि जिला अस्पताल में इंटर्नशिप कर रहे प्रशिक्षु डॉक्टरों से ड्यूटी लगाने के नाम पर प्रति छात्र 5000 रुपये कथित सुविधा शुल्क लिया जा रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार कई छात्र इस अवैध वसूली से पीड़ित हैं लेकिन भविष्य खराब होने के डर से अपना नाम सार्वजनिक करने से हिचक रहे हैं। इसकी गोपनीय जांच आवश्यक है।

3. बाहरी जिलों के डॉक्टरों की उपस्थिति पर सवाल:
पत्र में मांग की गई है कि जो चिकित्सक दूसरे जिलों के निवासी हैं और बस्ती जिला अस्पताल में तैनात हैं, उनकी वास्तविक OPD उपस्थिति और बायोमेट्रिक हाजिरी की जांच कराई जाए। आरोप है कि कई डॉक्टर नियमित रूप से अस्पताल नहीं आते जिससे OPD में मरीजों की संख्या में लगातार कमी आ रही है।

4. हड्डी और सर्जरी विभाग में ऑपरेशन के नाम पर धन उगाही:
हड्डी रोग और सर्जरी विभाग में ऑपरेशन के नाम पर मरीजों से अवैध रूप से धन लिए जाने की शिकायतों का भी जिक्र किया गया है। जबकि सरकारी अस्पताल में सभी ऑपरेशन और सुविधाएं शासन के नियमानुसार निःशुल्क या निर्धारित न्यूनतम शुल्क पर होनी चाहिए।

5. दो साल से CCTV का बजट, फिर भी कैमरे नहीं:
अस्पताल की सुरक्षा और पारदर्शिता से जुड़े सीसीटीवी मामले में भी लापरवाही का आरोप है। शिकायत के अनुसार सभी विभागों की OPD में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए पिछले दो वर्षों से शासन से धन उपलब्ध है, इसके बावजूद अभी तक मात्र दो OPD में ही कैमरे लगाए गए हैं। शेष OPD बिना निगरानी के चल रही हैं, जिससे मनमानी की आशंका बनी हुई है।

6. होम्योपैथिक दवाओं की खरीद वर्षों से बंद:
जिला अस्पताल में होम्योपैथिक विंग में पिछले कई वर्षों से दवाओं की खरीद ही नहीं हुई है। होम्योपैथिक दवाओं की खरीद कब हुई थी और इतने वर्षों से खरीद न होने के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है, इसकी भी जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है।

सत्येन्द्र सिंह ‘भोलू’ ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि जनहित से जुड़े इस पूरे प्रकरण की बिंदुवार, विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो संबंधित दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

रिपोर्ट, बस्ती ब्यूरो : लाइव भारत समाचार

मंगलवार, 22 सितम्बर , 2026

बस्ती जिला अस्पताल में गंभीर अनियमितताओं का आरोप सत्येंद्र सिंह भोलू ने जिलाधिकारी से कराई जांच की मांग

बस्ती जिला अस्पताल में गंभीर अनियमितताओं का आरोप, सत्येन्द्र सिंह ‘भोलू’ ने जिलाधिकारी से कराई जांच की मांग

बस्ती, 22 सितंबर : लाइव भारत समाचार

बस्ती जिला चिकित्सालय की कार्यप्रणाली और संसाधनों के दुरुपयोग को लेकर एक गंभीर शिकायत सामने आई है। सामाजिक कार्यकर्ता सत्येन्द्र सिंह ‘भोलू’ ने जिलाधिकारी बस्ती को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस शिकायत की प्रतिलिपि प्रदेश के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री को भी प्रेषित की गई है।

सत्येन्द्र सिंह द्वारा दिये गये शिकायती पत्र में कई बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं, जो सीधे तौर पर आम मरीजों और मेडिकल छात्रों से जुड़े हुए हैं।

1. सरकारी दवाओं में भेदभाव का आरोप:
शिकायत में कहा गया है कि शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही कई सरकारी दवाएं जो कैली अस्पताल में मरीजों को आसानी से मिल रही हैं, वही दवाएं जिला चिकित्सालय बस्ती में मरीजों को नहीं दी जा रही हैं। इससे गरीब मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। उन्होंने मांग की है कि दोनों अस्पतालों के दवा स्टॉक और वितरण रजिस्टर की तुलना कर जांच की जाए।

2. इंटर्नशिप छात्रों से 5000 रुपये वसूली का सनसनीखेज आरोप:
सबसे गंभीर आरोप इंटर्नशिप कर रहे छात्रों को लेकर है। पत्र में उल्लेख है कि जिला अस्पताल में इंटर्नशिप कर रहे प्रशिक्षु डॉक्टरों से ड्यूटी लगाने के नाम पर प्रति छात्र 5000 रुपये कथित सुविधा शुल्क लिया जा रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार कई छात्र इस अवैध वसूली से पीड़ित हैं लेकिन भविष्य खराब होने के डर से अपना नाम सार्वजनिक करने से हिचक रहे हैं। इसकी गोपनीय जांच आवश्यक है।

3. बाहरी जिलों के डॉक्टरों की उपस्थिति पर सवाल:
पत्र में मांग की गई है कि जो चिकित्सक दूसरे जिलों के निवासी हैं और बस्ती जिला अस्पताल में तैनात हैं, उनकी वास्तविक OPD उपस्थिति और बायोमेट्रिक हाजिरी की जांच कराई जाए। आरोप है कि कई डॉक्टर नियमित रूप से अस्पताल नहीं आते जिससे OPD में मरीजों की संख्या में लगातार कमी आ रही है।

4. हड्डी और सर्जरी विभाग में ऑपरेशन के नाम पर धन उगाही:
हड्डी रोग और सर्जरी विभाग में ऑपरेशन के नाम पर मरीजों से अवैध रूप से धन लिए जाने की शिकायतों का भी जिक्र किया गया है। जबकि सरकारी अस्पताल में सभी ऑपरेशन और सुविधाएं शासन के नियमानुसार निःशुल्क या निर्धारित न्यूनतम शुल्क पर होनी चाहिए।

5. दो साल से CCTV का बजट, फिर भी कैमरे नहीं:
अस्पताल की सुरक्षा और पारदर्शिता से जुड़े सीसीटीवी मामले में भी लापरवाही का आरोप है। शिकायत के अनुसार सभी विभागों की OPD में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए पिछले दो वर्षों से शासन से धन उपलब्ध है, इसके बावजूद अभी तक मात्र दो OPD में ही कैमरे लगाए गए हैं। शेष OPD बिना निगरानी के चल रही हैं, जिससे मनमानी की आशंका बनी हुई है।

6. होम्योपैथिक दवाओं की खरीद वर्षों से बंद:
जिला अस्पताल में होम्योपैथिक विंग में पिछले कई वर्षों से दवाओं की खरीद ही नहीं हुई है। होम्योपैथिक दवाओं की खरीद कब हुई थी और इतने वर्षों से खरीद न होने के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है, इसकी भी जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है।

सत्येन्द्र सिंह ‘भोलू’ ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि जनहित से जुड़े इस पूरे प्रकरण की बिंदुवार, विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो संबंधित दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

रिपोर्ट, बस्ती ब्यूरो : लाइव भारत समाचार

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