Livebharatsamachar ब्यूरो: फरीदाबाद में पुलिस और प्रशासन की एक संयुक्त कार्रवाई में अवैध रूप से वाहनों को बुलेटप्रूफ बनाने वाली एक वर्कशॉप का भंडाफोड़ हुआ है। छापेमारी के दौरान मौके से चार लग्जरी एसयूवी (SUV) जब्त की गई हैं, जिनमें दो टोयोटा फॉर्च्यूनर और दो महिंद्रा स्कॉर्पियो शामिल हैं। यह कार्रवाई सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और बिना अनुमति के वाहनों में किए जा रहे खतरनाक बदलावों को लेकर की गई है।
बिना एनओसी के चल रहा था अवैध काम
जांच के दौरान वर्कशॉप संचालक से जब इन वाहनों के मॉडिफिकेशन के लिए जरूरी दस्तावेजों और सरकारी एनओसी (NOC) की मांग की गई, तो वह कोई भी वैध कागजात पेश नहीं कर सका। अधिकारियों का कहना है कि वाहनों की संरचना में इस तरह का बदलाव करना न केवल मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है।
अवैध रूप से वाहनों को बुलेटप्रूफ बनाना एक गंभीर अपराध है। बिना आरटीओ की अनुमति और सुरक्षा मानकों की जांच के किए गए ये बदलाव जानलेवा साबित हो सकते हैं। हम वर्कशॉप के पूरे नेटवर्क की जांच कर रहे हैं।
गोहाना हमले के बाद प्रशासन सख्त
यह छापेमारी हाल ही में गोहाना में हुई एक घटना के बाद और भी महत्वपूर्ण हो गई है, जहां एक बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो पर हुए हमले के बावजूद उसमें सवार लोग सुरक्षित बच गए थे। इस घटना के बाद से ही प्रशासन ने अवैध रूप से बुलेटप्रूफिंग करने वाले केंद्रों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- छापेमारी में 2 टोयोटा फॉर्च्यूनर और 2 महिंद्रा स्कॉर्पियो जब्त की गईं।
- वर्कशॉप के पास किसी भी प्रकार का सरकारी लाइसेंस या एनओसी नहीं था।
- वाहनों के चेसिस और बॉडी में किए गए बदलावों की तकनीकी जांच की जा रही है।
- संचालक के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
फिलहाल, पुलिस जब्त की गई गाड़ियों के मालिकों की पहचान करने और यह पता लगाने में जुटी है कि इन वाहनों का उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था। वर्कशॉप के रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि अब तक कितनी गाड़ियों को अवैध रूप से बुलेटप्रूफ बनाया गया है।