Livebharatsamachar ब्यूरो: जयपुर के सेठी कॉम्प्लेक्स में हाल ही में लगी भीषण आग की घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग (RSHRC) ने अब सख्त रुख अपना लिया है। आयोग ने जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और नगर निगम के अधिकारियों को शहर के सभी व्यावसायिक परिसरों में फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग की कड़ी टिप्पणी
मानवाधिकार आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि जनजीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सेठी कॉम्प्लेक्स जैसी घटनाएं शहर की लचर अग्निशमन व्यवस्था को दर्शाती हैं।
मानवाधिकार आयोग ने कहा, ‘व्यावसायिक इमारतों में फायर एनओसी और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता केवल कागजों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से सख्त कदम उठाए जाएं।’
मुख्य बिंदु और निर्देश
- शहर के सभी बहुमंजिला और व्यावसायिक परिसरों का अनिवार्य फायर ऑडिट।
- फायर एनओसी (NOC) का समय-समय पर भौतिक सत्यापन।
- सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई।
- अग्निशमन विभाग और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
आयोग के इस आदेश के बाद अब जयपुर के स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। जेडीए और नगर निगम को अब उन इमारतों की सूची तैयार करनी होगी जो सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इन निर्देशों का पालन किया गया, तो जयपुर की घनी आबादी वाले इलाकों में होने वाले बड़े हादसों को रोका जा सकेगा।